फतेहपुर । मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना ने बताया कि शासन के निर्देशों के क्रम में “ज्ञान भारतम मिशन” के अंतर्गत “राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण” अभियान का प्रभावी कार्यान्वयन किया जा रहा है । जिसमें हमारी समृद्ध ज्ञान परम्परा, सांस्कृतिक धरोहर एवं बौद्धिक विकास के महत्वपूर्ण साक्ष्य,प्रचीन पाण्डुलिपियों,ताड़पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों का संरक्षण करने एवं उन्हें सुरक्षित रूप से भावी पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से संस्कृति मंत्रालय,भारत सरकार द्वारा ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ प्रारम्भ किया गया है ।
प्राचीन ज्ञान दर्शन,साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सदैव तत्पर उत्तरप्रदेश सरकार एवं केन्द्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अग्रणी भूमिका के निर्वहन हेतु मिशन के क्रियान्वयन में सक्रिय सहयोग हेतु संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित किया गया है ।
‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के अन्तर्गत पाण्डुलिपियों, ताड़पत्रों, दुर्लभ ग्रन्थों आदि के संस्थागत (निजी एवं सरकारी) संग्रह केन्द्रों एवं व्यक्तिगत संग्रहकर्ताओं के चिन्हीकरण एवं सूचीकरण हेतु निर्देश दिए गए है ।
उन्होंने बताया कि प्राचीन पाण्डुलिपियां, ताड़पत्र एवं दुर्लभ अभिलेख हमारी समृद्ध ज्ञान परम्परा, सांस्कृतिक विरासत और बौद्धिक चेतना के अमूल्य साक्ष्य हैं । इन पाण्डुलिपियों एवं ग्रन्थों आदि का संरक्षण एवं भावी पीढ़ियों तक हस्तान्तरण हमारा सामूहिक दायित्व है ।
भारत की समृद्ध ज्ञान परम्परा और बौद्धिक विरासत को पुनर्जीवित करने की भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय पहल है । इस मिशन के अन्तर्गत देशभर में उपलब्ध भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़ी पाण्डुलिपियों एवं दुर्लभग्रन्थों आदि का वैज्ञानिकसंरक्षण,डिजिटलीकरण और अभिलेखीकरण किया जा रहा है, ताकि यह धरोहर शोधार्थियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए सुलभ हो सके ।
उत्तर प्रदेश जो प्राचीन ज्ञान दर्शन, साहित्य और संस्कृति की भूमि रहा है । इस अभियान में अग्रणी भूमिका का निर्वहन करने के लिए प्रतिबद्ध है ।
प्रश्नगत मिशन विकसित भारत @2047 के अन्तर्गत डिजिटल इण्डिया के दृष्टि कोण और विरासत और विकास के राष्ट्रीय संकल्प से आच्छादित है । प्रदेश के विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों, मठों, मन्दिरों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी एवं सार्वजनिक पुस्तकालयों व व्यक्तियों आदि के पास उपलब्ध पाण्डुलिपियों, हस्तलिखित ग्रन्थों, ताड़पत्रों,भोजपत्रों एवं अन्य दस्तावेजों की पहचान,सर्वेक्षण,कैटालॉगिंग ,संरक्षण एवं डिजिटलीकरण का कार्य किया जाना है । जिससे डिजिटाइज्ड पाण्डुलिपियों को ज्ञान भारतम् पोर्टल के माध्यम से आम जन को उपलब्ध कराया जा सके ।
इस हेतु जनपद में सर्वेक्षण कार्य ‘ज्ञान भारतम एप’ मोबाइल ऐप्लीकेशन जो गूगल प्ले स्टोर/एप स्टोर पर निःशुल्क डाउनलोड हेतु उपलब्ध है, इसके माध्यम से किया जाएगा ।
उक्त के संबंध में यदि जनपद के किसी महानुभाव के पास ऐसी पांडुलिपियों,हस्तलिखित ग्रंथ आदि हो तो वह जिला सूचना कार्यालय विकास भवन में जमा कर सकते है ।
