फतेहपुर । मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में लोक भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी इटावा ने बेमौसम सब्जी उत्पादन, जिलाधिकारी आजमगढ़-प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना,जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी फतेहपुर वाटर कन्जर्वेशन,नदी का पुनर्जीवित करना-मनरेगा और जन सहभागिता,जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी मेरठ-ग्राम-पुस्तकालय,मुख्य विकास अधिकारी सिद्धार्थनगर-बच्चे के सम्रग विकास को बनाने के लिए शिक्षा प्रणाली को बदलने सम्बंधित प्रजेंटेशन वर्चुअल माध्यम से अपने-अपने जनपद से प्रजेंटेशन दिया ।
जनपद फतेहपुर से जिलाधिकारी श्रीमती अपूर्वा दुबे के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी श्री सत्य प्रकाश ने जनपद में वाटर कन्जर्वेशन के बारे में स्लाइड के माध्यम से किये गए कार्यो को बताया कि जनपद में पांच साल पूर्व जनपद के 13 विकासखण्डों में से 9 डार्क जोन में थे । जल संरक्षण की प्रकिया को विभागों व जनसहभागिता के मदद से जल संरक्षण करके भूमि गत जल स्तर को बढ़ाया गया है अभी जनपद में 02 विकासखण्ड डार्क जोन में है जिसके लिये कार्य किया जा रहा है और जल्द से जल्द डार्क जोन से बाहर निकाला जायेगा ।
जल संरक्षण के लिए परिषदीय विद्यालयों में कैच दा रेन वाटर हार्वेस्टिंग योजनांतर्गत मनरेगा से विद्यालयों में बरसात का पानी भूमिगत किया गया । जनपद में 2176 तालाबों को पुर्नजीवित किया गया जिसमें में लगभग 700 तालाब कब्जा मुक्त करके वास्तविक आधार पर लाया गया ।
जनपद में ससुर खदेरी नदी दो भागों में है । जनपद में विलुप्त हो रही नदी को मनरेगा और जनसहभागिता के श्रमदान से नदी को वास्तविक रूप दिया गया है इससे जुडी 06 झीलें है जिसमे से एक झील का खुदाई कर वास्तविक रूप में लाया गया और शेष झीलों में भी कार्य किया जायेगा । ससुर खदेरी नदी,झील के किनारे में बृहद वृक्षारोपण कराया गया है ।
इस कार्य के लिये मुख्य सचिव महोदय ने जिलाधिकारी,मुख्य विकास अधिकारी व उनकी टीम की प्रशंसा के साथ बधाई दी साथ ही अन्य जिले के जिलाधिकारियो से कहा कि फतेहपुर से प्रेरणा लेकर कार्य करे क्योंकि जल ही जीवन है ।
