कानपुर । प्रदेश के राज्य कर्मचारियों के स्थानांतरण 30 जून 2022 तक किये जाने के आदेश उ०प्र० सरकार के मुख्यमंत्री व्दारा दिया गया था तथा समय सीमा समाप्त हो जाने के बाद मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बिना किसी कर्मचारी का न किये जाने के स्पष्ट आदेश पंचायत निदेशक व्दारा जारी किये के बाद जनपद-कानपुर देहात के जिला पंचायत राज विभाग में अवैध ढंग से सम्बद्ध प्रधान सहायक की सरकार विरोधी नीति के कारण जुलाई से लेकर निरन्तर अभी तक जारी है । यह आरोप उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रान्तीय संयुक्त मंन्ञी रवीन्द्र कुमार मधुर ने लगाते हुए कहा कि स्थानांतरण को लेकर स्वास्थ्य,पी डब्लू डी,शिक्षा विभाग में अधिकारियों कीलापरवाही के कारण सरकार की छवि धूमिल हुई थी । लेकिन कानपुर देहात का पंचायत राज विभाग भी पीछे नहीं हैं ।
मुख्यमंत्री जी के आदेशों की खुली धज्जियां उड़ाई जा रही है । स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है । महासंघ ने उप्र सरकार के मुख्यमंत्री एंव अपर मुख्य सचिव,पंचायती राज को पञ भेजकर मांग किया कि अन्य विभागों की भांति पंचायत राज विभाग की जांच कार्मिक विभाग से करवाकर स्थानान्तरण पर रोक लगाने एंव किये गये स्थानांतरण को स्थगित करने की मांग किया ।
