टी-20 वर्ल्ड कप में गुरुवार को पर्थ में खेले गए मुक़ाबले में अंतिम गेंद तक चले संघर्ष में ज़िम्बाब्वे ने पाकिस्तान को एक रन से हरा दिया ।
ज़िम्बाब्वे की चौंका देने वाली जीत के हीरो रहे सिकंदर रजा । ऑलराउंडर सिकंदर रजा मैच के बाद भावुक नज़र आए ।
एक इंटरव्यू में भावुक रजा ने कहा कि उनके पास भावनाओं को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं ।
उन्होंने कहा,
“मैं कह नहीं सकता कि मुझे लड़कों पर कितना गर्व है । जिस तरह से हमारे तेज गेंदबाजों ने शुरुआत की और जिस तरह से हमने मैच ख़त्म किया,मुझे नहीं लगता कि मैं अभी कोई शब्द कह सकता हूं । यह पल कभी टीम के लिए कभी न भूलने वाला है ।”
रजा ने कहा, “मैच मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण था, मैं सोच रहा था कि कैसे बल्लेबाजी करूं ।”
“मैंने कुछ नोट्स भी तैयार किए और मैं उन्हें बार-बार पढ़ता था क्योंकि ज़िम्बाब्वे को कभी-कभार ही बड़ी टीमों के ख़िलाफ़ खेलने का मौका मिलता है । फ़्लड लाइट में हमें बहुत कम खेलने को मिलता है । मैं खुद पहली बार पर्थ में खेल रहा था । मेरा शरीर सो रहा था । लेकिन मेरा दिमाग़ जाग रहा था और इस मैच के बारे में सोच रहा था ।”
सिकंदर रजा कहते हैं, ‘जब मैं सुबह उठा तो मेरे एक दोस्त ने मुझे एक मैसेज भेजकर पूछा कि क्या मैंने आईसीसी की वेबसाइट पर वह क्लिप देखी है । जिसमें पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ज़िम्बाब्वे क्रिकेट का ज़िक्र कर रहे थे और ख़ासकर मेरा । मैंने कहा- नहीं । इस दोस्त ने मुझे वह क्लिप भेजी जिसने मुझे पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच के लिए एक नई ऊर्जा दी ।”
फाइटर पायलट नहीं, फाइटर क्रिकेटर
सिकंदर रजा का जन्म पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ था । वह पाकिस्तान की वायु सेना में पायलट बनना चाहते थे, लेकिन आंखों की जांच में फेल होने के कारण उनका सपना पूरा नहीं हो सका ।
इसके बाद वह अपने माता-पिता के साथ स्कॉटलैंड चले गए जहां उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की ।
वह 2007 से ज़िम्बाब्वे क्रिकेट से जुड़े हुए हैं । उन्होंने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत 2013 में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ हरारे में की थी ।
