फतेहपुर । गौ–आश्रय स्थलो में संरक्षित गौवंशों के भरण पोषण से सम्बंधित बैठक कलेक्ट्रेट महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती सी. इंदुमती की अध्यक्षता में संपन्न हुई ।
उन्होंने उपजिलाधिकारियों/क्षेत्राधिकारियो को निर्देश दिए कि गौ तस्करी पर विशेष ध्यान दिया जाए । ऐसी घटनाए नही होने पाए । इसमें निरंतर पैनी निगरानी बनाए रखे। हरा चारा बोने के लिए भूमि शेष है । शत प्रतिशत हरा चारा बुआई कराई जाय और गौवंशों को खिलाया जाय और माह में लगभग दो बार गौशालो का निरीक्षण किया जाय ।
उन्होंने उपजिलाधिकारियों/ क्षेत्राधिकारियो को निर्देश दिए कि संयुक्त टीम बनाकर क्षेत्र में जाकर किसानों को बताए कि पराली जलाना कानूनी अपराध है । यदि कोई किसान पराली जलाते हुए पाया जाय तो कार्यवाही की जाय । जिला पंचायत राज अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारियो को निर्देश दिए कि ग्राम प्रधानों, ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जाय । इस कार्यं के लिए अधिकारी/कर्मचारी टीम भावना के साथ कार्य करें और यदि भ्रमण के दौरान पराली जलते हुए मिले तो वीडियो बनाकर मेरे संज्ञान में लाया जाय ।
उन्होंने उप कृषि निदेशक को निर्देश दिए कि तहसील सदर में अधिकतर पराली जलाने की घटनाएं आई है, अपने अधीनस्थों को लगाकर पराली जलाने की घटनाए रोकने का काम कराए ।
मुख्य विकास अधिकारी सूरज पटेल ने बताया कि गौशालाओ में गौवंशो हेतु भूषा, पानी, चुनी, चोकर आदि पर्याप्त मात्रा में है और छुट्टा गौवंशो के पकड़ने के लिए 06 टीम सक्रिय है । गौवंशो के पानी पीने के लिए समर्सिबल की व्यवस्था है, विद्युत न रहने पर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पानी के टैंकर रखे गए है । गौशाला में वार्मिंग कंपोस्ट खाद भी तैयार की जा रही है । गौवंशो को ठंड से बचाने के लिए रईस मिल एवं कोटेदारों से बोरे की व्यवस्था की जा रही है ।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी बिन्दकी,सदर, जिला विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए,डीसी मनरेगा,ईओ नगर पालिका परिषद सदर,उप कृषि निदेशक,जिला विद्यालय निरीक्षक, समस्त खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी,जिला सूचना अधिकारी सहित संबंधित उपस्थित रहे ।
