फतेहपुर । कृषि में उत्पादन बढ़ाने के लिए रसायनों का अंधाधुंध इस्तेमाल हो रहा है । इससे मिट्टी की उपजाउ शक्ति कम होती जा रही है । साथ ही लोगों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ रहा है । कई रिसर्च से सामने आया है कि उर्वरक और कीटनाशकों की कुछ मात्रा फल,सब्जी,अनाजों में रह जाती है इनके सेवन से कैंसर,हार्ट डिजीज,लिवर रोग,डायबिटीज,इंफेक्शन का खतरा बढ़ रहा है ।

इस बीच बहुआ विकास खंड के हरियापुर गाँव मे कृषि विभाग की सर्विस प्रोवाईडर कर्टसी गुथालू मांड्या कर्नाटक द्वारा आयोजित जैविक कृषि मेला मे वैज्ञानिको ने कहीं ।
कृषि वैज्ञानिक डॉ० शिव मंगल सिंह ने कहा अब जैविक खेती को एक सुरक्षित और सस्ते विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है । यही वजह है कि अब राज्य सरकारें भी जैविक खेती को बढ़ावा दे रही हैं । स्वस्थ्य रहने के लिए जैविक खेती जरूरी हो गई है ।
पशु वैज्ञानिक डॉ० संजय कुमार पांडेय ने कहा अजोला उगाइये इससे पशुओ का पोषण होगा । पशुओ की उचित देखभाल जरूरी है । कार्यक्रम की अध्यक्षता योजना प्रभारी रवि कुमार व संचालन आलोक गौड़ ने किया ।
इस मौके पर प्रगतिशील किसान रमाकांत तिवारी,वीरेंद्र यादव,सौरभ शुक्ला,जितेंद्र सिंह ,आशीष सिंह, बीटीए लो सुधीर गुप्ता आदि रहे ।
