बिन्दकी/फतेहपुर । अमौली कस्बे के एक युवक ने बिना दहेज लिए शादी कर अपनी एक अलग पहचान बनाई है । जहां आज समाज में दहेज के कारण गरीब माता-पिता अपनी बेटियों की शादी नहीं कर पाते, हर साल दहेज के कारण जाने कितनी बेटियां सामाजिक प्रताड़ना झेलती है और उनके माता-पिता शादी में अत्यधिक खर्च कर क़र्ज़ में डूब जाते हैं,फिर भी कुछ दहेज लोभियों को खुश नहीं कर पाते हैं । लेकिन एक युवक ने दहेज मुक्त शादी करके समाज को सकारात्मक संदेश दिया है ।
आपको बता दें कस्बे निवासी कवि ज्ञानेंद्र प्रकाश का विवाह 11 मार्च को फतेहपुर के ताम्बेश्वर नगर में वीरेंद्र साहू की पुत्री आरती साहू के साथ सकुशल संपन्न हुआ । जहां विवाह में उन्होंने आए हुए बारातियों के लिए केवल एक-एक पौधे उपहार स्वरूप लिए, इसके पूर्व तिलक कार्यक्रम में उन्हें दी जा रही अत्यधिक नगद धनराशि वापस करके बिना दहेज के शादी करने का निश्चय किया और दहेज के रूप में मात्र ग्यारह रुपए और पांच पौधे लिए । दूल्हा बने ज्ञानेंद्र प्रकाश एक कवि हैं जो मंचों में कविताएं पढ़ते हैं । इसके अलावा सोने चांदी के आभूषणों के व्यापारी हैं । इनके पिता ओम प्रकाश साहू का निधन इनके बचपन में ही हो गया था जिससे उनका जीवन संघर्षो से भरा रहा ।
उन्होंने बताया कि समाज में बेटियों के साथ हो रहे अत्याचार को देखते हुए, पहले ही प्रण कर लिया था कि वह दहेज मुक्त विवाह करेंगे । पौधे लेने के पीछे का कारण उन्होंने बताया कि उनकी मां शोभा देवी पर्यावरण प्रेमी है । उन्होंने अपने घर पर ही बहुत बड़ा बगीचा तैयार कर रखा है,जिस पर फलदार तथा फूलदार वृक्ष और पौधे लगे हैं ।
उनका मानना है कि हर अतिथि जब अपने घरों तथा आसपास में एक-एक पेड़ लगाएगा तो पर्यावरण को बहुत लाभ होगा । जब पेड़ फलदार बनेंगे तो उनके फलों का लाभ लंबे समय तक लिया जा सकेगा । ज्ञानेंद्र प्रकाश द्वारा उठाए गए इस कदम की प्रशंसा हर व्यक्ति कर रहा है । वहीं कवि ज्ञानेंद्र प्रकाश के इस कार्य को देख कर उनके ससुराल पक्ष व बरातियों ने उनका आभार व्यक्त किया ।
