देश में अच्छे-खासे संसाधनों और आधुनिक तकनीके होने के बावजूद इन फर्जी ऐप पर बेन क्यों..?
फर्जी ऐपो के जरिए धोखाधड़ी के फैलते संजाल पर काबू पाना मुश्किल साबित हो रहा..!!
इंटरनेट के फैलते दायरे के साथ-साथ इसे ठगी का जरिया बनाने वालों ने जिस तरह लोगों को अपनी कारगुजारियों का शिकार बनाना शुरू कर दिया है । उससे नई तरह की जटिलता खड़ी हो रही है !एक ऐसा ही मामला देश मे नजर आ रहा हैं कि गूगल के जरिये एक ‘ऐप wwake ऐप” ने लोगो को लालच देकर उनके करोड़ो रुपये पर हाथ साफ किया हैं । इस ऐप के जरिये 800 रुपये का लालच देकर प्रतिदिन 41 रुपये विड्रॉल व 40 दिन में 2000 रुपये देने व उंसके अलावा और भी कई स्किम देने के नाम पर फर्जी ऐप के जरिए । इन्होंने देश के उत्तराखण्ड,तेलगाना,छत्तीसगढ़, मणिपुर, कर्नाटक, झारखण्ड,मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र,गुजरात,उत्तर प्रदेश,पंजाब और राजस्थान आदि व अलग अलग राज्यों व शहरों में करोड़ो रुपये की चपत लगा दी हैं । इस wwake फर्जी ऐप के जरिए इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया । इस संचालित ऐप पर लोगों को दैनिक आधार पर 3 गुना आकर्षक रिटर्न का लालच दिया जाता था । जालसाज लोगो से टेलीग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से ऐप को डाउनलोड कराकर उसमे पैसा लगवाते हैं और जालसाज शुरू में 800 रुपये के छोटे निवेश पर 2 हजार रुपये का उच्च रिटर्न देते हैं । यही नही इसके अलावा 150 लाख रुपये लगवाकर 12 लाख व उसके ऊपर भी रुपये लगवाते थे और कुछ रुपये देकर लोगो का विश्वास हासिल करने के बाद उन्हें भारी मात्रा में निवेश करने के लिए कहा जाता है । लोगों से ज्यादा रकम आने के बाद वह एप को बंद कर देते हैं । लेकिन देखा जाए तो देश में अच्छे-खासे संसाधनों और आधुनिक तकनीकों के साथ साईबर क्राईम सेल भी लेकिन क्या किसी को इन फर्जी ऐप की जानकारी नही हो पाती की देश मे फर्जी ऐप लोगो के साथ क्या क्या कर रहें हैं जबकि सरकार को गूगल पर निगाहें बनाकर ऐसे ऐप बनाने वालो को बेन कर देना चाहिए।माना इंसान लालची हैं । लेकिन सरकार को भी इस ओर एक कदम आगे रखना चाहिए ! उम्मीद यही की गई थी कि आनलाइन माध्यम से होने वाले कामकाज से पारदर्शिता आएगी और इसके सहारे आर्थिक अपराधों को रोका जा सकेगा ! मगर अलग-अलग तरीके से खड़े किए गए आनलाइन कारोबार में आए दिन जिस तरह ठगी की घटनाएं सामने आ रही हैं । उससे यही लगता है कि धोखाधड़ी करने वालों ने इस माध्यम में भी अपनी घुसपैठ कर ली है और नए-नए तरीकों से धोखा देकर लोगों से आर्थिक लूट में लिप्त हो गए हैं । यों पुलिस महकमे के साइबर अपराध शाखाओं की ओर से ऐसे तत्त्वों पर लगाम कसने की कोशिश की जाती है । मगर फर्जी ऐप के जरिए धोखाधड़ी के फैलते संजाल पर काबू पाना मुश्किल साबित हो रहा है ।
