– काशी काम्प्लेक्स बिन्दकी में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता ने व्यापारियों की मांगों को लेकर की प्रेस कॉन्फ्रेंस
Edited By Amit Kumar ‘Dev’
फतेहपुर /बिन्दकी : आज जनपद फतेहपुर के तहसील बिन्दकी नगर के खजुहा रोड स्थित काशी काम्प्लेक्स के सभागार में राष्ट्रीय जन उधोग व्यापार संगठन की समस्याओं व राजनीतिक अधिकारों व महत्वपूर्ण मांगों को लेकर 19 दिसम्बर, 2021 को रविंद्रालय ,उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में खुदरा व्यापारी की रैली के मद्देनजर व्यापारियों के साथ गोष्ठी का आयोजन किया गया । जहाँ RJUVS के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता ने पत्रकारों से रूबरू होकर प्रेस कांफ्रेंस कर देश में बेरोजगारी ,देश का असंगठित वर्ग जो कि बहुत ही ज्यादा पीड़ित और परेशान हैं इन समस्याओं को देखते हुए अपने विचार व्यक्त किया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए ये आवाज हर एक व्यापारी वर्ग तक पहुँचे जिससे 19 दिसम्बर की विशाल रैली असंगठित वर्ग के लोगों के लिए इतिहास बन जाए और सरकार इनकी माँगो को मानने के लिए विवश हो जाए ।
इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी ने देश की अर्थव्यवस्था का आधार एमएसएमई सेक्टर जिस प्रकार से धराशाई हो गया है उससे देश में बेरोजगारी बृहत स्तर पर बढ़ती जा रही है । जहाँ देश का असंगठित क्षेत्र (रिटेल सेक्टर) 43 करोड़ लोगों को रोजगार देने का काम करता है । जिसको देखते हुए इतनी बड़ी संख्या में रोजगार देने के बावजूद खुदरा व्यापार दिन प्रतिदिन समाप्त होता चला जा रहा है । इसका मुख्य कारण है ऑनलाइन ट्रेडिंग को बढ़ावा देना ,जिससे छोटे किस्म के व्यापारी हताश हो गए हैं । क्योंकि वो ऑनलाइन की व्यवस्था से परे है, वो सीख नही सकते हैं अगर सीखते हैं तो ऑनलाइन चीज़ों का होना जरूरी है परन्तु वो ले नही सकते हैं क्योंकि वो इतने बड़े व्यापारी नही है । वर्तमान में ई कॉमर्स में देश के खुदरा व्यापार के लिए स्वीट पाइजन का काम कर रहा है देश में ई-कॉमर्स में रिटेल सेगमेंट में ग्रोथ देखने को मिल रही है वह खुदरा व्यापार के लिए दिक्कतें खड़ी करती जा रही है 2016 में 5 करोड़ लोग ई- शॉपिंग करते हैं थे और 2020 में 32 करोड़ लोग ई- शॉपिंग कर रहे हैं विश्व में सर्वाधिक ग्रोथ ई कॉमर्स के जरिए इंडिया में ही देखने को मिला । यूएसए में 12% ,चाइना में 23% , इंडिया में 68% की ग्रोथ है । वर्तमान में फ्लिपकार्ट 45% ,स्नैपडील 26% ,अमेजॉन 12%, पेटीएम 7% सभी कंपनियां 30% ग्रोथ हर साल हासिल कर “खुदरा व्यापार” को तबाह कर रहे हैं । बड़ी-बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां हैवी डिस्काउंट लगाकर देश के खुदरा व्यापार को जमींदोज करने का काम कर रही है । इस तरह की फ्लैश सेल को रोकने का काम किया जाए । देश के खुदरा व्यापार को बचाने के लिए व्यापार पर 18% अतिरिक्त “कर” लगाया जाए ।
देश के कानून मंत्रालय का बजट 2645 करोड़ रुपए में से 1100 करोड़ रुपए कैपिटल एक्सपेंडिचर में खर्च होता है । 1545 करोड़ों का बजट बचता है जबकि अमेजन अपनी लीगल फीस के तौर पर 8546 करोड़ खर्च बता रही है ।
उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का भी लीगल खर्च कितना नहीं है अमेजन पर कानूनी केस भी कम कर रहे हैं सीधी बात है पैसा । किसी और काम में खर्च हो रहा है ।
अमेजन की 2 साल की कमाई 42085 करोड़ रही है । अमेजन की छह कंपनी को मिलाकर लीगल फीस के तौर पर 8546 करोड़ पर दिए हैं । इन कंपनियों के आपस में रिश्ते की भी जांच हो । केंद्र सरकार से मांग है कि इसकी सीबीआई जांच करवा कर कड़ी कार्रवाई की जाए ।
उन्होंने पत्रकार वार्ता में यह भी बताया कि गृह मंत्रालय की NCRB की रिपोर्ट के अनुसार ,
सन् 2017 में 129887 ,2018 में 134516 ,2019 में 139123, 2020 में 153052 लोगों ने आत्महत्या की । जिसमें से असंगठित क्षेत्र के रोज कमाने वाले 37648 ,घरेलू महिला 22337 ,बेरोजगार व्यक्तियों ने 15700 ,व्यापार करने वाले 14545 ,देश का अन्नदाता किसान 10710 लोगो ने आत्महत्या की है , 2019 में प्रतिदिन 21 व्यापारियों ने आत्महत्या की थी और 2020 में प्रतिदिन लगभग 40 व्यापारियों ने आत्महत्या की है देश के व्यापार को बचाने के लिए देश के खुदरा व्यापार के संवर्धन के लिए रोजगार को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से देश अलग से खुदरा व्यापार मंत्रालय बनाया जाए ।
पत्रकार वार्ता में विशेष रूप से RJUVS के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि देश के व्यापारियों को एक देश ,एक कर प्रणाली और तमाम करो व लिखा पढ़ी की जटिलताओं से मुक्ति नही मिल पा रही है कि जीएसटी (GST) जैसे महत्वपूर्ण अधिनियम व्यापारियों को उलझन पैदा कर रहे हैं आज तक 950 से भी ज्यादा संशोधन करने के बावजूद भी इस का सरलीकरण नही हो सका है । सरलीकरण इस प्रकार से हो कि बगैर सीए (CA) के जीएसटी (GST) का रिटर्न व्यापारी फ़ाइल कर सके ।
◆ कपड़े के ऊपर लगाए गए 12% जीएसटी को 5% को वापस किया जाए ।
◆ एक ट्रेड ,एक टैक्स का प्रावधान किया जाए ।
◆ जीएसटी स्लैब कम किया जाए ।
◆ मोटा अनाज एवं कपड़े के थान को जीएसटी मुक्त किया जाए ।
◆ कृषि उद्योग से आने वाले सभी वस्तुओं को जीएसटी मुक्त किया जाए ।
◆ मनुष्य के दैनिक उपयोग में आने वाली आवश्यक वस्तु तथा मेडिसिन दवा इत्यादि पर जीएसटी की दर 5% की जाए ।
अध्यक्ष ने कहा कि आज देश मे राजस्व नुकसान के चलते सरकारी संपत्तियों का निजीकरण किया जा रहा है जो यह दर्शाता है कि नुकसान की भरपाई के लिए सरकार सरकारी संपत्तियां बेच रही है । घाटे से उबरने के लिए पीएसयू (PSU) को बेचना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है । कंपनी को एक बार बेच दिया ,दिया तो दोबारा नही ले सकते सोच समझकर निर्णय लिया जाए आज विश्व टॉप 500 इंडस्ट्री में 124 टॉप कंपनियां चाइना की है उनमें से 91 सरकारी कंपनियां है यह बताता है कि कैसे चाइना ने सरकारी कंपनी को बढ़ाने का काम किया,आज इंडिया की एक भी कंपनी विश्व की बड़ी कंपनियों के लिस्टिंग में नहीं है भारत सरकार को सरकारी कंपनी को बढ़ाने की आवश्यकता है जिससे राजस्व के संसाधन निरंतर बने रहे विश्व के अनेक देशों के मॉडल सामने हैं पुरानी कंपनी बेचने से नया रोजगार नहीं पैदा होता , नई कंपनी लगाने से ही नया रोजगार पैदा होता है ,पैसा जरूर आ सकता है सरकार के पास,लेकिन एक समय के बाद “ना तो पैसा रहेगा ना रोजगार ।”
पेट्रोलियम गैस पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए ।
निजी क्षेत्र में आरक्षण जैसा कदम औद्योगिक सेहत के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है । नौकरी योग्यता के आधार पर मिलती है निजी क्षेत्र में आरक्षण अनुचित कदम उठाया है । इसका सबसे बुरा असर औद्योगिक निवेश पर पड़ेगा । जहां भारत एक राष्ट्र की बात हो रही है वहीं दूसरी ओर इस प्रकार का आरक्षण इंडस्ट्री पर थोपा जा रहा है । यह नियम भारतीयता की एकरूपता को खत्म कर रहा है ।
“देश के सर्वाधिक उत्पीड़न व्यापारी समाज का है उसको राहत देने के लिए ‘हरिजन एक्ट’ की तर्ज पर ‘व्यापारी एक्ट’ बनाया जाए ।
इस कोरोना वैश्विक महामारी में जिन व्यापारियों का अकाउंटेंट की एनपीए हो गया है उन व्यापारियों का ब्याज माफ कर आसान किस्त बनाई जाए वैश्विक महामारी के समय का एमएसएमई सेक्टर के द्वारा लिए गए लोन का ब्याज माफ किया जाए की जब मुद्रा लोन में शिशु,किशोर से कर्ज के कर्ज लेने वाले व्यापारियों के कर्ज माफ किए हैं ।
शिक्षा क्षेत्र ,स्नातक क्षेत्र ,स्थानीय निकाय की तरह विधान परिषद में व्यापारी क्षेत्र बनाया जाए ।
बिजली के बिलों से फिक्स चार्ज समाप्त किया जाए ।कोरोना काल में सबसे ज्यादा नुकसान रिटेल सेक्टर का हुआ है उसके लिए अलग से राहत पैकेज दिया जाए ।
इस दौरान लगभग दो से तीन दर्जन व्यापारी उपस्थित रहे सबने अपना अपना मत रखा और 19 दिसंबर की रैली को सफल बनाने का संकल्प लिया ।
इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता के अलावा गोविंद बाबू ‘टाटा’ राष्ट्रीय महामंत्री ,सुनीता गुप्ता महिला प्रदेश मंत्री ,नगर अध्यक्ष गौरव गुप्ता ,नगर उपाध्यक्ष राहुल गुप्ता आदि व्यापारीगण उपस्थित रहे ।
