फतेहपुर : जनसमस्याओं की सुनवाई करने हेतु मुख्यमंत्री द्वारा बनाया गया मुख्यमंत्री पोर्टल भी सफेद हाथी सिद्ध हो रहा है यहां पर की जाने वाली शिकायतों पर कार्रवाई न हो पाने से सरकार की मंंसा को बट्टा लग रहा है । इस मुख्यमंत्री पोर्टल 1076 पर दर्जनों बार शिकायत दर्ज कराने के बाद भी वांछित कार्यवाही न होने से लोगों में निराशा हाथ लगती है और लोगों का विश्वास उठता जा रहा है ।
एक ऐसा ही मामला देवमई विकासखंड के ग्राम मिराई का है जहां एक गरीब परिवार द्वारा की बार शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उसे आज तक न्याय न्याय नही मिल पाया है । आज भी गरीबों की पहुंच वाले लोगों व भ्रष्ट नौकरशाही के चलते उन्हें न्याय नही मिल पा रहा है । देवमई विकासखंड की ग्राम पंचायत मिराई निवासी बन्नो खातून पत्नी सिरताज ने मंडलायुक्त इलाहाबाद को दिए गए एक शिकायती पत्र में बताया है कि कि उसने तीन बार मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर आपकी शिकायत दर्ज कराई है । किंतु उसके शिकायत पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है ।आवेदिका द्वारा दिए गए आवेदन पत्र में बताया गया है कि उसने जनसुनवाई पोर्टल में शिकायत दर्ज करवाई थी उस पर भ्रष्ट नौकरशाहों ने न्याय नहीं दिया उसने बताया कि आबादी भूमि से गरीब के परिवार को मारकर भगाया गया है जिससे उसके पास रहने का कोई ठिकाना नहीं रह गया है । जबकि केंद्र व प्रदेश सरकार गरीबों को छत मुहैया कराने का हर जनपद में योजनाएं चलाकर अधिकारियों को पात्रता के आधार पर निवास देने के लिए कहा गया है इसके बावजूद भी उस गरीब परिवार को छत मुहैया कराए जाने की कार्यवाही न किए जाने से भी स्पष्ट होता है कि विकासखंड देवमई में सरकारी योजनाओं से मिलने वाले आवासों में बड़े तौर पर धांधली करके आ पात्रों को लाभ दिया जा रहा है । जिसके पास कई कई मकान हैं उन्हें आबादी से इतना तो हटाया गया ना ही उन पर कार्रवाई की गई । अधिकारियों की शह पर कब्जा कराया गया है यहां की हरिजन आबादी में भी ग्राम प्रधान ने अपने चहेतों को कब्जा करा दिया है । पीड़ित महिला सन्नो खातून ने बताया कि उसने जब अपनी पीड़ा जनसुनवाई पोर्टल पर बताया तो वही भ्रष्टाचार में लिप्त हो नौकरशाहों ने झूठा निस्तारण कर के भेज दिया । जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री द्वारा बनाया गया जनसुनवाई पोर्टल भी मात्र दिखावा है । जो गरीबों को न्याय ना दिला कर स्वयं इन नौकरशाहों के आगे हार कर बैठ जाता है ।
