फतेहपुर । समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश_2047 अभियान कार्यक्रम के दूसरे दिन विकास भवन सभागार एवं कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में संवाद एवं विचारगोष्ठी का आयोजन शासन की नामित नोडल अधिकारी एवं सचिव वित्त विभाग डॉ० सारिका मोहन,सेवानिवृत्त आईपीएस डॉ० वीरेन्द्र बहादुर सिंह,सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिक डॉ० हर ज्ञान प्रकाश, वर्तमान आई०ई०एस० लक्ष्मी शंकर, जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह ,मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना की उपस्थिति में किया गया ।
जिसमें मेरी ओर से कुछ सुझाव प्रेषित किए गए । उद्योगों/व्यवसाय को स्थापित करने हेतु विद्युत एवं ज़मीनों को सब्सिडाइज़ किया जाए ।
लोकल उत्पाद को बढ़ावा व सहयोग एवं कृषि भूमि का व्यावसायिक भूमि में परिवर्तन की प्रक्रिया एकल पटल के माध्यम से कम एवं निश्चित समयावधि में किया जाएं व्यापारियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन और जीएसटी रिटर्न दाखिल करने हेतु सरलीकरण की प्रक्रिया के अंतर्गत मोबाइल ऐप की व्यवस्था की जाए जिसमें विभिन्न प्रकार के रिटर्न भरने एवं प्रक्रियाओं की पीपीटी उपलब्ध हो जिससे व्यापारी को कहीं जाने की आवश्यकता न पड़ें । व्यवसाय एवं उद्यम स्थापित करने हेतु बैंकों द्वारा ऋण देते समय उदासीनपूर्ण रवैया । जबरदस्ती बीमा और सुविधा शुल्क का मांगा जाना एक गंभीर समस्या है इसके लिए एकल आवेदन पटल स्थापित किया जाएं । जहां पर इच्छुक व्यक्ति को सारी जानकारी प्राप्त हो सके एवं आवेदनकर्ता को नियुक्त एजेंसी द्वारा निश्चित समयावधि में ऋण प्राप्त हो सके ऋण अदायगी के समय ब्याज की जगह मूल धनराशि की वसूली पहले की जाएं ।
जिससे बैंकों का एनपीए न बढ़ने पाएं,MSME को सिंगल विंडो किया जाए । किसानों की केसीसी पर कर्ज माफी को किसी आकस्मिक आपदा के अतिरिक्त रोका जाएं । इससे कर्ज लेने की प्रवृत्ति बढ़ती है और धन का दुरुपयोग होता है । समय पर कर्ज जमा करने वाले किसानों को प्रोत्साहन हेतु व्यवस्था की जाएं । खेती के आधुनिक उपकरणों एवं तकनिकियों से किसानों को अवगत कराने हेतु शिक्षित किया जाए व छूट प्रदान की जाएँ । ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे विद्यालयों की स्थापना की जाएं । जहां एक ही जगह विद्यार्थी रोजगारपरक व्यावसायिक और शैक्षणिक शिक्षा प्राप्त कर वहां उद्यम स्थापित कर सके । जिससे ग्रामीण पलायन को रोका जा सके । सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा सुनिश्चित करना,डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देना;एक्जाम व्यवस्था मे सुधार ,विज्ञान, तकनीक,इंजीनियरिंग और गणित (STEM) की शिक्षा को प्रोत्साहन ,विनिर्माण (Manufacturing) और सेवाओं (Services) के क्षेत्र का विस्तार,स्टार्टअप और उद्यमिता को समर्थन,बजट मे प्रावधान होना चाहिएकि बिजनस फेल होने की दशा मे आर्थिक संरक्षण प्राप्त होना चाहिए ।
कृषि क्षेत्र में तकनीकी सुधार और किसानों की आय को दो गुना करना ,मानव संपदा का कार्यों मे उपयोग किया जाए,मशीनों की निर्भरता अति आवश्यक कार्यों तक सीमित किया जाएँ विकास कार्यों मे पारदर्शिता गुडवत्ता,जवाबदेही और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन,डिजिटल गवर्नेंस और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा,न्यायपालिका में तेजी और न्याय सुलभ बनाना,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, डाटा एनालिटिक्स का उपयोग,अनुसंधान और नवाचार के लिए निवेश,आत्मनिर्भर भारत को मजबूती देना, नवीकरणीय ऊर्जा (सौर, पवन) को बढ़ावा देना प्रदूषण नियंत्रण और जल संरक्षण,स्वच्छ भारत और प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान को और तेज करना, सभी के लिए सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा बच्चों और माताओं के पोषण स्तर में सुधार आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का विस्तार,महिलाओं,दलितों ,पिछड़ों और आदिवासियों को मुख्यधारा में लाना लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण,आरक्षण व्यवस्था मे बदलाव कर सभी को समान अवसर उपलब्ध कराने चाहिए विकलांगजनों के लिए सुविधाएं और अवसर बढ़ाना,विविधता में एकता को बढ़ावा,भारतीय संस्कृति, कला और विरासत का संरक्षण, युवाओं में देशभक्ति और जिम्मेदारी की भावना जागृत करना, नागरिकों की जिम्मेदारी -टैक्स समय पर भरें और नियमों का पालन करें,स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करें और आत्मनिर्भरता बढ़ाएँ,सामुदायिक सेवा,पर्यावरण रक्षा और स्वच्छता में भाग लें,बच्चों को शिक्षित करें और अगली पीढ़ी को सशक्त बनाएं ।
कृष्ण कुमार तिवारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम उद्योग व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश ।
