बिन्दकी/फतेहपुर । आज शुक्रवार को नगर के लंका रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह के चार साहबजादे की शहादत पर “वीर बाल दिवस” के अवसर पर भव्य बाल मेले का आयोजन किया गया ।
बाल मेला का उद्घाटन प्रांत कार्यवाहक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रामकेश ने श्री फल तोड़ कर किया । उनके साथ प्रांत संपर्क प्रमुख दुर्गेश, विभाग संघ चालक फतेहपुर अशोक मिश्र,जिला संघ चालक फतेहपुर राम प्रकाश चौहान,जिला प्रचारक अरुण,बिन्दकी विधायक जय कुमार सिंह जैकी, जहानाबाद विधायक राजेंद्र सिंह पटेल, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष अनिल गुप्ता,सह नगर संघ चालक राम प्रकाश गुप्ता ,सह नगर कार्यवाह हर्षित त्यागी, समाजसेवी लक्ष्मी चंद ओमर उर्फ मोना तथा प्रधानाचार्य बलराम सिंह उपस्थित रहे ।
उद्घाटन के पूर्व विद्यालय की अध्यापिका प्रभजीत कौर ने चार साहिबजादों की शहादत का बहुत ही मार्मिक वर्णन प्रस्तुत किया । उन्होंने कहा कि दो छोटे बेटे बाबा जोरावर सिंह तथा बाबा फतेह सिंह को वजीर खान ने दीवार में चुनवा देने का आदेश दिया । गुलेल से पत्थर मारकर आंखें फोड़ दी गई कोड़ों से मारा गया बेड़ियों में बांधकर घसीटा गया । सिर्फ इस लिए कि वह अपना धर्म छोड़ दें । बाद में उन्हें दीवार में चुनवा दिया गया । इसके बाद भी उनका मन नहीं भरा तो अंतिम संस्कार के लिए भी जमीन देने से मना कर दिया बाद में राजा टोडरमल ने सोने की मोहरों के बदले में भूमि प्राप्त कर उन वीर बालकों का अंतिम संस्कार किया ।
उद्घाटन के उपरांत रामकेश ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्र छात्राओं में सामाजिक नेतृत्व की भावना विकसित करते हैं । इसके द्वारा वह जीवन की कठिनाइयों को जानते हैं ।
बिन्दकी विधायक जयकुमार सिंह जैकी तथा जहानाबाद विधायक राजेंद्र सिंह पटेल ने आयोजन की भरपूर प्रशंसा की । बाल मेला में छात्र छात्राओं ने चाय,कॉफी, कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट ड्रिंक,गन्ने का रस,केसरिया दूध,मैगी,पानी के बताशे ,पापड़ी चाट, आलू चाट, पेस्ट्री, डोनट, क्रीम रोल, पेटीज, चाऊमीन,भेलपुरी, पाव भाजी, बर्गर के स्टाल लगाए साथ ही अलग-अलग कई तरह के गेम भी खिलाए गए ।
सभी छात्र छात्राओं अभिभावकों तथा आचार्य में मेले के आयोजन को लेकर भारी उत्साह रहा । मेले में अनेक अभिभावक तथा पूर्व छात्र उपस्थित रहे ।
प्रधानाचार्य बलराम सिंह ने कहा कि पुराने समय में ऐसे बालक हुए हैं जो अपने सिद्धांतों के लिए किसी भी तरह का मूल्य चुकाते रहे हैं ऐसे ही बालक है चार साहिबजादे, पूर्व की सरकारों के द्वारा इन बालकों के त्याग और बलिदान को भुला दिया गया था । जब हम स्वदेश और स्व धर्म को प्राथमिकता देते हैं, तब वह हमारी गति को प्रगति की तरफ लेकर जाता है । सिख गुरुजनों का इतिहास इसी प्रगति का प्रमाण है । गुरु गोबिन्द सिंह महाराज के चार साहिबजादों के बलिदान दिवस ‘वीर बाल दिवस’ (साहिबजादा दिवस) एवं सिख पंथ के नौवें गुरु, ‘हिन्द दी चादर’ गुरु तेग बहादुर महाराज के 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया । साथ ही, ‘वीर बाल दिवस’ के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित भी किया । गुरु गोबिन्द सिंह महाराज के चार साहिबजादों- बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह एवं बाबा फतेह सिंह की पावन स्मृतियों को कोटि-कोटि नमन किया । अब ऐसे आयोजन के जरिए हम उन वीर सपूतों को स्मरण कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं हम सभी बालकों को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए तथा अपने धर्म अपने सिद्धांतों का हमेशा पालन करना चाहिए ।
कार्यक्रम के संयोजक आशीष तिवारी तथा मनोज कुमार मिश्रा रहे । इस अवसर पर सभी छात्र छात्राएं, अध्यापक- अध्यापिका उपस्थित रही ।
