अलीगढ़ । जब हम पवित्र उद्देश्य को लेकर कोई शुभ कार्य करने का संकल्प लेते हैं तो अवश्य ही उस कार्य में सफलता मिलती है ।ऐसा ही प्रयास 60 वर्ष पूर्व दिनांक 2 मई 1966 को गौरवशाली संस्था का देहरादून में जैन समाज के प्रबुद्ध श्रेष्ठी जनों द्वारा भारतीय जैन मिलन के नाम से गठन किया था ।
शनिवार को आगरा रोड पर भारतीय जैन मिलन का 60वां स्थापना दिवस जैन मिलन वर्द्धमान एवं जैन मिलन महिला अलीगढ़ नगर के संयुक्त तत्वावधान में राहगीरों के लिए सस्नेहपूर्ण भोजन कराया एवं शर्बत वितरण कर सेवा कार्य किया गया । शाम को जैन मिलन द्वारा बाग वाले मंदिर जी में णमोकार महामंत्र का 30 मिनट का सामूहिक पाठ किया गया ।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश कुमार जैन ने बताया कि इस संस्था के गठन का मुख्य उद्देश्य जैन एकता स्थापित करना रहा है । क्योंकि देश की जैन समाज दिगम्बर,श्वैताम्वर, तेरहपंथी,बीसपंथी,स्थानक वासी आदि अनेक वर्गों एवं आमनाओं में बटी हुई है ।
उन्होंने कहा कि 2 मई 1966 को इलाहाबाद से लेकर देहरादून तक संस्था की केवल 15 शाखाएं ही कार्यरत थीं । जिन्हें देहरादून में आमंत्रित कर भारतीय जैन मिलन का नाम दिया गया ।
जैन मिलन की पहली शाखा सन 1953 में यद्यपि इलाहाबाद में खुली थी पर इसे भारतीय जैन मिलन का विधिवत रूप 2 मई 1966 को देहरादून में ही मिला । भारतीय जैन मिलन के गठन के साथ ही मिलन के विकास और विस्तार की यात्रा जोर शोर से चली और 60 वर्ष की लम्बी विकास यात्रा के बाद आज संपूर्ण भारत वर्ष में लगभग 1450 शाखाएं हैं । संस्था में सुव्यवस्थित संचालन की दृष्टि से इसे 19 क्षेत्रों में विभाजित किया है ।
नारीशक्ति को सशक्त बनाने,सामाजिक,धार्मिक,पारमार्थिक गतिविधियों में सहभागी बनाने के पवित्र उद्देश्य से महिला जैन मिलन की लगभग 450 स्वतंत्र शाखाएं संचालित है । देश और समाज के भविष्य युवा जिनके कंधों पर कल समाज और देश की बागडोर होगी । उन्हें भी सुसंस्कारित, दीक्षित और नेतृत्व निपुण बनाने के उद्देश्य से युवा जैन मिलन की लगभग 30 शाखाएं खोली गई है ।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश कुमार जैन गढ़ी ने बताया कि मिलन तीन शब्दों से मिलकर बना है, म से मित्रता,ल से लगन और न से नम्रता का प्रतीक है सन 1968 में मिलन शाखाओं की गतिविधियों को प्रत्येक सदस्य तक पहुचाने की आवश्यकता अनुभव करते हुए मिलन के मुखपत्र भारतीय जैन मिलन समाचार पत्रिका को सर्वप्रथम देहरादून से प्रकाशित करने निर्णय लिया गया और तभी से आज तक यह पत्रिका निरंतर प्रगति करती हुई अपने वर्तमान आकर्षक स्वरूप में मेरठ से डिजीटल रूप से हर माह प्रकाशित हो रही है ।
उत्तर भारत के ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेरठ के समीप सरधना में भारतीय जैन मिलन अस्पताल खोला गया।यह अस्पताल सफलतापूर्वक चल रहा है । एक मार्च 1997 को भारतीय जैन मिलन फाउंडेशन का गठन किया ।
फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा, बीमारी, पारमार्थिक कार्यों ,आपदा पीड़ितों की सहायता की जाती है ।
इस मौके पर राजीव जैन,समिति के मंत्री मयंक जैन,प्रशांत जैन, राजा जैन,नवनीत जैन,दीपेंद्र जैन,मोहित जैन,लवनीश जैन,सौरभ जैन पांड्या,अमित जैन, राजीव जैन,शास्त्री महिला जैन मिलन की अध्यक्ष सुमन जैन,मंत्री पूर्वी जैन,दीप्ति जैन,मीना जैन,गरिमा जैन, ऋतु जैन,नीता जैन,मीनू जैन,अंजली जैन, कल्पना जैन और प्रीति जैन उपस्थित रही ।
