बिन्दकी/फतेहपुर । बिन्दकी तहसील नगर के विद्यालय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज लंका रोड में चल रहे “शिशु वाटिका” प्रशिक्षण वर्ग के तीसरे दिन सोमवार को डॉ० राम मनोहर ने शिक्षिकाओं को समझदारी,ईमानदारी,जिम्मेदारी तथा भागीदारी विकसित करने पर बल दिया ।

उन्होंने शिशु वाटिका की 12 व्यवस्थाओं, शिशु वाटिका के 14 क्रियाकलाप,शिशु वाटिका के 16 कार्यक्रमों पर चर्चा करते हुए कहा कि शिशु वाटिका की अध्यापिकाओ में समाज का विकास करने के लिए इन गुणों का होना आवश्यक है ।
उन्होंने 16 संस्कारों की भी चर्चा की । जिस प्रकार केवल सन्तान उत्पन्न करने से मातृत्व विकसित नहीं होता । उसी प्रकार केवल शिक्षक बन जाने से आचार्यत्व विकसित नहीं होता है । हमें अपने पूर्वजों से परिचय कराना होगा । शेष सत्रों में गीत आधारित गतिविधियां चलती रही ।
इस अवसर पर पूरे प्रांत की 65 शिक्षकों 10 प्रशिक्षक,प्रांत संगठन मंत्री रजनीश पाठक,प्रदेश निरीक्षक अयोध्या प्रसाद, संभाग निरीक्षक अजय दुबे,संभाग निरीक्षक शिव करण,संभाग निरीक्षक विजय शंकर ,शिशु वाटिका प्रभारी विजय श्री,प्रधानाचार्य बलराम सिंह तथा सभी अध्यापक उपस्थित रहे ।
