त्विषा के परिवार का कहना है कि 12 मई की रात मौत से पहले त्विषा लगातार उनके संपर्क में थीं ।
मध्य प्रदेश । भोपाल की एक अदालत ने 33 साल की त्विषा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग फिलहाल ख़ारिज कर दी है । हालांकि अदालत ने कटारा हिल्स पुलिस को निर्देश दिया है कि शव को ऐसी संसाधनयुक्त मॉर्च्यूरी (शवगृह) में सुरक्षित रखा जाए जहां उसे डीकंपोज होने से बचाया जा सके ।
त्विषा के परिवार के पक्ष के वकील अंकुर पांडे ने कहा “हमारे आवेदन पुलिस द्वारा लगाया गया प्रतिवेदन और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद माननीय न्यायालय ने हमारी दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की अपील को खारिज़ किया है । लेकिन हमारे द्वारा उठाए गए सवालों के मद्देनजर कोर्ट ने त्विषा की बॉडी को तुरंत प्रिजर्व करने के लिए आदेश दिया है” ।
उन्होंने आगे कहा “माननीय न्यायालय ने इस मामले में फरार आरोपी समर्थ सिंह को भी 23 तारीख़ को उपस्थित होने के लिए कहा है” । इसी बीच मध्य प्रदेश सरकार ने कहा है कि वह इस मामले की सीबीआई जांच कराने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखेगी ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार, 20 मई को त्विषा के परिवार से मुलाकात के दौरान यह आश्वासन दिया । सरकार ने यह भी कहा है कि वह त्विषा की सास और सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत के ख़िलाफ़ अदालत में आवेदन लगाएगी ।
त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा ने बुधवार को रिटायर्ड सैनिकों के एक समूह के साथ मुख्यमंत्री से मुलाक़ात की । परिवार का कहना है कि अगर अदालत भविष्य में दोबारा पोस्टमॉर्टम की अनुमति देती है तो सरकार ने पार्थिव शरीर को एम्स दिल्ली भेजने का भी भरोसा दिया है ।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, पति समर्थ सिंह के ख़िलाफ़ लुकआउट नोटिस जारी ।

त्विषा के वकील अंकुर पांडे
इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लिया है । आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी को पत्र लिखकर सात दिनों के भीतर विस्तृत “एक्शन टेकन” रिपोर्ट मांगी है ।
आयोग ने अभियुक्तों की गिरफ्तारी फरार पति समर्थ सिंह की तलाश,पासपोर्ट इंपाउंड करने की स्थिति, सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड्स,इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों तथा पोस्ट मार्टम रिपोर्ट से जुड़ी जानकारी मांगी है । आयोग ने यह भी कहा है कि परिवार को किसी भी तरह की धमकी, दबाव या चरित्र हनन से सुरक्षा दी जाए ।
दूसरी ओर भोपाल पुलिस ने त्विषा के पति समर्थ सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है । भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा है कि एसआईटी मामले की “हर एंगल” से जांच कर रही है और अभियुक्त की तलाश जारी है ।
हालांकि पुलिस अब तक की जांच के आधार पर इसे आत्महत्या का मामला बता रही है ।
बीबीसी से बातचीत में बुधवार सुबह भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा “अब तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच में जो साक्ष्य मिले हैं उनके आधार पर यह आत्महत्या का मामला है, हत्या का नहीं ।”
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह ‘दम घुटना’ बताई गई है लेकिन रिपोर्ट में शरीर पर मौत से पहले लगी कई चोटों का भी उल्लेख है । इसी को लेकर त्विषा का परिवार लगातार सवाल उठा रहा है ।
परिवार के साझा किए गए चैट्स में त्विषा ने कई बार अपने पति और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ित किए जाने की बात कही थी । हालांकि ससुराल पक्ष ने इन आरोपों से इनकार किया है ।
बीबीसी ने त्विषा शर्मा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट देखी है जिसमें दम घुटने से मौत की बात कही गई है ।
रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि शरीर के दूसरे हिस्सों पर “मल्टीपल एंटी मॉर्टम इंजरीज़” यानी कई ऐसी चोटें थीं जो मौत से पहले लगी थीं । इनमें बाएं हाथ पर नीले निशान, कलाई और बांह के पास लाल चोटों जैसे निशान शामिल हैं ।
हालांकि दम घुटने का मतलब ख़ुदकुशी करना ही है, ये बात त्विषा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से साफ़ नहीं निकलती । ये भी नहीं पता चल रहा है कि मौत से पहले उनका किसी तरह का किसी से शारीरिक संघर्ष हुआ ।
हमने यही सवाल जब भोपाल पुलिस कमिश्नर से किया तो उन्होंने कहा “हमारी जांच और अब तक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को मिलाकर ये आत्महत्या का ही मामला है ।”
रिपोर्ट के मुताबिक़ दम घुटने या मौत से जुड़ी सामग्री भी पोस्टमॉर्टम टीम को उपलब्ध नहीं कराई गई थी ।
यही इस मामले के सबसे बड़े विवादों में से एक बन गया है । त्विषा के परिवार ने फ़ोरेंसिक साक्ष्यों के रख-रखाव और जांच में लापरवाही के आरोप लगाए हैं । 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित घर में त्विषा शर्मा का शव फंदे से लटका मिला था । पुलिस ने त्विषा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह, जो रिटायर्ड जज हैं । उनके ख़िलाफ़ दहेज के लिए प्रताड़नाऔर दहेज मांगने से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है ।
त्विषा का परिवार इसे हत्या का मामला बता रहा है परिवार का आरोप है कि शादी के बाद उन्हें दहेज और दूसरी बातों को लेकर लगातार प्रताड़ित किया गया । परिवार ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों,कथित व्हाट्सऐप चैट्स और कथित सबूतों से छेड़छाड़ को लेकर भी सवाल उठाए हैं । वहीं गिरिबाला सिंह ने परिवार के आरोपों से इनकार किया है । उन्होंने दावा किया है कि त्विषा मानसिक और चिकित्सकीय समस्याओं से गुजर रही थीं और उनका इलाज चल रहा था । इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने भी सीबीआई जांच की मांग की है ।
