छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को पांच दिवसीय मॉनसून सत्र की शुरुआत हुई ।
छत्तीसगढ़ । राज्य विधानसभा में सोमवार को पांच दिवसीय मॉनसून सत्र के पहले दिन राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर हंगामा हुआ, जिसके बाद विधानसभा की कार्रवाई मंगलवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी । दिवंगत पंडवानी कलाकार तीजन बाई को श्रद्धांजलि और प्रश्नकाल के बाद जब सदन की कार्रवाई शुरू हुई तो अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर बहस शुरू हो गई विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह के आसन पर बैठने के साथ ही विपक्षी सदस्यों ने अयोध्या मामले को लेकर टीका-टिप्पणी शुरू कर दी ।
विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह ने विपक्ष द्वारा इस विषय पर लाए गए स्थगन प्रस्ताव को छत्तीसगढ़ से संबंधित नहीं होने का हवाला देते हुए उसे मंज़ूरी नहीं दी । इस दौरान चंदा चोरी के पोस्टर लेकर विधानसभा में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि अयोध्या में रामभक्तों के साथ धोखा हुआ है । विपक्षी दलों की नारेबाज़ी और सत्ता पक्ष की टोका-टाकी के बीच सदन की कार्रवाई पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई । विधानसभा की कार्रवाई जब दोबारा शुरू हुई तो फिर से इस मुद्दे पर विपक्षी विधायकों ने सरकार को घेरने की कोशिश की ।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा “छत्तीसगढ़ के लोगों ने भी राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था लेकिन उसमें डकैती पड़ गई ।”
उनके इस वक्तव्य के बाद सत्ता पक्ष ने हंगामा शुरू किया और फिर कार्यवाही स्थगित कर दी गई ।
‘सदन में मंदिर निर्माण पर चर्चा हो सकती है तो चोरी पर क्यों नहीं ।’

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में मंदिर चढ़ावा विवाद पर चर्चा न होने को लेकर सवाल उठाए ।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से कहा “हमने श्रीराम जन्म भूमि न्यास को चेक संख्या 110443 से 12 फरवरी 2021 को 1 लाख, 21 हज़ार चंदा दिया ।”
उन्होंने आगे कहा “फिर जब राम मंदिर बना तो तब भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल सदन में धन्यवाद प्रस्ताव लाए थे ।”
“जब अयोध्या मंदिर निर्माण पर यहां चर्चा हो सकती है तो फिर वहां के चढ़ावा चोरी पर, निर्माण में कमीशनख़ोरी पर, ज़मीन ख़रीद में गड़बड़ी पर यहां चर्चा क्यों नहीं हो सकती ?”
भूपेश बघेल ने कहा “अयोध्या के ट्रस्ट को प्रधानमंत्री ने बनाया उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया ध्वजारोहण प्रधानमंत्री ने किया इस ट्रस्ट के मेंबर भी प्रधानमंत्री हैं । ऐसे में प्रधानमंत्री को सामने आकर जवाब देना चाहिए आख़िर इस मामले पर वो चुप क्यों हैं ?”
