केंद्रीय क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का आरोप है कि महारैली के लिए ग़लत दिन को चुन लिया गया है ।
नई दिल्ली । कांग्रेस और बाकी विपक्षी दल रविवार को रामलीला मैदान में चुनाव आयोग की कथित अनियमितताओं के विरोध में महारैली कर रहे हैं ।
सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने इस रैली के लिए ग़लत दिन चुना है ।
केंद्रीय क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 1 नवंबर की प्रस्तावित रैली पर कहा “विरोध प्रदर्शन का एक कार्यक्रम उन्होंने हाथ में लिया है । उनके घटक दलों के नेता भी 1 नवंबर नहीं चाहते हैं, क्योंकि 1 नवंबर को दिल्ली में एक बेहद संवेदनशील दिन के रूप में याद किया जाता है ।”
“31 अक्तूबर 1984 को इंदिरा जी की हत्या हुई । उसके बाद 1 नवंबर को दिल्ली में जिस तरह मारकाट हुई, सिख भाइयों पर अत्याचार हुए,ख़ून-ख़राबा हुआ और उसी दिन को राहुल गांधी जी ने चुना उनके मन में थोड़ी-बहुत भी संवेदना नहीं है । 1 नवंबर को लेकर सिख प्रतिनिधियों ने भी उन्हें चेताया कि आप अपने आंदोलन की तारीख़ आगे-पीछे कर लें ।”
मेघवाल ने कहा “दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने भी उन्हें पत्र लिखा और उनके घर जाकर मुलाक़ात की । उन्होंने कहा कि आप तारीख़ आगे-पीछे कर लें, क्योंकि दिवाली का त्योहार आ रहा है… हम साल भर इंतज़ार करते हैं । हम थोक व्यापारी हैं । इतने लाख लोग इकट्ठा करेंगे तो बाज़ार प्रभावित होगा, दुकानें बंद हो जाएंगी और जो लोग हमसे सामान ख़रीदना चाहते हैं, वे नहीं आ पाएंगे ।”
वहीं, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा “1 नवंबर को दिल्ली के सबसे बुरे दिनों की शुरुआत हुई थी । अब इसके 42 साल पूरे हो रहे हैं । सिख परिवारों के लिए यह तारीख़ अपनों को खोने और घरों के जलकर राख हो जाने की दर्दनाक यादें लेकर आती है ।”
उन्होंने आगे कहा “प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या एक दुखद घटना थी लेकिन इसके बाद सिख समुदाय को जिस तरह सामूहिक रूप से सज़ा दी गई,उसे किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता ।”
