
फतेहपुर : विकास खण्ड देवमई के ग्राम मुसाफा के श्री बूडेनाथ स्वामी मंदिर मे चल रहे रुद्र महायज्ञ एवं रासलीला के पाचवे दिन वृंदावन से कलाकारो ने भष्मासुर लीला का मन्चन किया । लीला देख दर्शक भावविभोर हो गये । कलाकारो ने दिखाया कि समस्त विश्व मे राज करने के लिये भष्मासुर नाम के राक्षस ने भगवान भोलेनाथ से वर प्राप्त करने को कठोर तपस्या किया । भगवान भोलेनाथ प्रसन्न हो जाते है भष्मासुर वर मागता है जिसके सर मे वह हाथ रखे वह जलकर भष्म हो जाये । शिवजी यह वर दे देते है । भष्मासुर वर आजमाने के लिये शिवजी के ही पीछे पड़ जाता है । जान बचाने को शिवजी विष्णु कि शरण मे जाते है । भगवान मोहिनी रूप रचाते है । भष्मासुर उनकी सुन्दरता मे मुग्ध हो जाता है ।मोहिनी रूप भगवान से भष्मासुर विवाह का प्रस्ताव रखता है ।
नृत्य प्रवीण से विवाह करने की बात पर भष्मासुर नाचने को तैयार हो जाता है । अन्त मे नाचते नाचते वह अपने सर पर ही हाथ रख लेता है और भष्म हो जाता है । यह लीला देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गये ।
कार्यक्रम के संयोजक वीरेंद्र सिंह,अमित तिवारी,शुभम अवस्थी ,गौरव शुक्ला,निकेतन,आयुष पांडेय,प्रांजुल वाजपेई,सोमनाथ त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे ।
