फतेहपुर : देवमई विकासखंड के हरदासपुर गांव में चल रही श्री कृष्ण रासलीला के चौथे दिन वृंदावन से आये कलाकारों ने कालिया मर्दन लीला का मंचन किया गया । श्रीकृष्ण लीलाओं के क्रम में आज अपनी लीला के माध्यम से कालिया नाग के मद को चूरचूर करने का सजीव मंचन करके गोकुल वासियों को उससे निजात दिलाई । युमना नदी मे निवास करने वाला कालिया नाग ने यमुना के पानी को विषाक्त बना दिया था । विषैले यमुना के पानी को पीकर पशु-पक्षी व गांव के लोग मरने लगे थे । मथुरा के राजा कंस ने बृन्दावन दूत भेज कर नन्दबाबा से यमुना नदी से कमल पुष्प भेजने को आदेश दिया तो नन्दबाबा घबरा गए तब श्री कृष्ण ने अपने ग्वाल बालों के साथ गेंद खेलते-खेलते यमुना नदी के किनारे पहुंच गए और खेलते-खेलते गेंद नदी में फेंक दिया ।
श्रीदामा द्वारा जब उसी गेंद को लाने की जिद पकड़ी तो श्रीकृष्ण यमुना में कूद गए । श्रीकृष्ण के यमुना में कूदने से चारों ओर हाहाकार मच गया ।
श्रीदामा सहित सभी ग्वालबालों ने कृष्ण के यमुना में कूदने की खबर दिया । नन्द बाबा सहित सभी लोग यमुना के किनारे पहुंच कर कन्हैया की कुशलता की प्रार्थनाएं करने लगे ।
यह बात धीरे-धीरे पूरे गाेकुल धाम में जंगल की आग की तरह फैल गई । सभी दौड़े-दौड़े यमुना नदी किनारे आए गए, लेकिन कृष्ण अभी तक वापस नहीं आए थे । कालिया को परास्त कर श्रीकृष्ण नेकृष्ण ने उसे यमुना नदी छोड़ने का आदेश दिया ।
कालिया ने सपरिवार कृष्ण से सविनय कहा कि प्रभु बाहर जाएंगे तो गरुण उसे मार देगा कालिया नाग की विनय से श्रीकृष्ण ने उसे अभय वरदान देते हुए कहा कि उनके चरण चिन्ह देखकर गरुण उसे क्षति नहीं पहुंचाएगा ।
इसके बाद कालिया नाग श्री कृष्ण को अपने फन पर उठाकर यमुना नदी से बाहर आ गया और इसके बाद अपनी पत्नियों के साथ अपने स्थान पर चला गया । कृष्ण को सही सलामत वापस पाकर सभी बहुत खुश हुए और गोकुल में उत्सव मनाया गया ।
इस मौके पर नीलकण्ठेश्वर रासलीला कमेटी के आयोजक संतोष शुक्ला,उमेश तिवारी,श्री चन्द कुशवाहा,मयंक,राम खिलावन कुशवाहा निखिल शुक्ला,खेमराज कुशवाहा,हरीओम छेदीलाल,कमलेश गुप्ता आदि सभी लोग रहे ।
