बिन्दकी/फतेहपुर । विशेष सचिव उत्तर प्रदेश व अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश के पत्रों में वर्णित आपत्तिजनक अंश को लेकर अधिवक्ता गणों ने अपना विरोध दर्ज कराया है ।
बिंदकी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुरेश सिंह चौहान व महामंत्री राम नारायण अग्निहोत्री ने प्रदेश के राज्यपाल को उपजिलामजिस्ट्रेट बिंदकी के माध्यम से ज्ञापन देकर विशेष सचिव प्रफुल्ल कमल व अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी द्वारा जारी पत्रों में वर्णित आपत्तिजनक अंश को लेकर विरोध जताते हुए कहा है कि अधिवक्ता को ऑफिसर आफ द कोर्ट का बर्ताव करते हुए कोई भी अमर्यादित टिप्पणी न की जाए ।
अधिवक्ता न्याय प्रणाली के अंग हैं । जनता के अधिकार अदालतों तक पहुंचाने का मौलिक अधिकार है । जिस को संवैधानिक मान्यता प्राप्त है और अधिवक्ता गण इसमें महत्वपूर्ण कड़ी हैं । अधिवक्ता समाज उपरोक्त पत्रों में वर्णित आपत्तिजनक अंश से बेहद आहत हुआ है ।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को विश्वास में लेकर उपचारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश व अधिवक्ता गणों के सामने आंदोलन छेड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा । अधिवक्ताओं के अनुसार विशेष सचिव उत्तर प्रदेश के पत्र दिनांक 14 मई 2022 अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी के पत्र दिनांक 15 मई 2022 में आपत्तिजनक अंशो का वर्णन किया गया है । जिनको लेकर अधिवक्ताओं में रोष है ।
ज्ञापन देने वालों में बिंदकी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुरेश सिंह चौहान,महामंत्री राम नारायण अग्निहोत्री,पूर्व अध्यक्ष विप्र नारायण तिवारी,ज्ञानेंद्र सिंह,गिरजा शंकर वर्मा,अशोक मिश्र, सुनील तिवारी,अशोक उत्तम,लक्ष्मी सिंह,लोकेंद्र पाल सिंह, कृष्ण गोपाल वर्मा,बीरबल यादव,रामदीन कैथल सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे ।
