राष्ट्रपति चुनाव से पहले उम्मीदवार को लेकर आम सहमति बनाने के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार को विपक्षी दलों के कई नेताओं से बात की ।
राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा को एनडीए गठबंधन की ओर से यह ज़िम्मेदारी दी गई है ।
इससे पूर्व बुधवार को दिल्ली में ममता बनर्जी के बुलावे पर विपक्षी दलों की एक बैठक हुई । इस बैठक में 17 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया ।
हालांकि इस बैठक में भी किसी एक नाम पर अभी तक सहमति नहीं बन सकी है, लेकिन बैठक में दो नामों का प्रस्ताव दिया गया है । इस बैठक में फ़ारूख़ अब्दुल्ला और गोपालकृष्ण गांधी के नाम का प्रस्ताव दिया गया है । इससे पहले शरद पवार के नाम की भी चर्चा थी लेकिन उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया ।

राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम के लिए आपसी सहमति बनाने के लिए राजनाथ सिंह ने राज्य सभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से बात की । इसके साथ ही उन्होंने बिहार में अपनी गठबंधन पार्टी के नेता और बिहार के सीएम नीतीश कुमार से भी फ़ोन पर बात की ।
इन नेताओं के साथ ही राजनाथ सिंह ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से भी भी चर्चा की ।
राजनाथ सिंह आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी के भी संपर्क में हैं. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि वो बहुत जल्दी ही बीएसपी सुप्रीमो मायावती,एनसीपी प्रमुख शरद पवार,पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (एस) के नेता देवेगौड़ा और एआईएडीएमके के नेता पन्निरसेल्वम से भी बात कर सकते हैं ।
मीडिया ख़बरों के मुताबिक़,विपक्षी दल के नेताओं ने राजनाथ सिंह से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार का नाम पूछा । इससे पहले राजनाथ सिंह ने विपक्षी नेताओं से उनके प्रस्तावित नाम के बारे में भी जानना चाहा ।
विपक्षी दल के एक नेता ने बताया कि हमारी प्रतिक्रिया बस इतनी ही थी कि पहले सत्तारूढ़ एनडीए बताए कि वो किस नाम पर विचार कर रही है ।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी डीएमके, एनपीपी, एजेएसयू और नगालैंड पीपल्स फ्रंट के नेताओं के संपर्क में हैं ।
भारत के अगले राष्ट्रपति के लिए चुनाव 18 जुलाई को होने हैं । जबकि नामांकन की प्रकिया बुधवार को शुरू हो गई ।
