फतेहपुर । बकेवर थाना क्षेत्र के देवमई ग्राम में एक युवती की एबार्शन के बाद हुई मौत से आक्रोशित परिजनों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवमई में हंगामा काटा । पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मामला शांत के ।
मृतका की तीन वर्ष पूर्व देवमई निवासी जितेंद्र कुमार के साथ हुई थी।
मृतका के पति जितेन्द्र ने बताया कि उसकी पत्नी प्रेरणा साहू को गत 08 जुलाई को इलाज कराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवमई लाया था । जहां तैनात नर्स दिव्या ने अल्ट्रासाउंड के लिए सदर हॉस्पिटल फतेहपुर भेजा ।
नर्स ने आशंका जताई कि शायद युवती का बच्चा पेट में मर चुका है । अल्ट्रासाउंड कराने के लिए वह पत्नी को सदर हॉस्पिटल फतेहपुर ले गया किंतु नहीं हो पाया । जिससे उसने एक निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर से अल्ट्रासाउंड करा कर देवमई पीएचसी में नर्स को दिखाया ।
नर्स ने बताया कि बच्चे की पेट में ही मौत हो गई है । अगर एबार्शन करके बच्चे को निकाला न गया तो युवती की भी जान का खतरा हो जाएगा । इसलिए इसकी सफाई करनी पड़ेगी ।
नर्स की सलाह पर 10 जुलाई को वह पत्नी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवमई में गया जहां नर्स ने खाने के लिए दवा दिया दवा खाते ही पेट में दर्द बढ़ गया और ब्लड भी तेजी से निकलने लगा ।
अधिक हो रही ब्लीडिंग को देखते हुए नर्स दिव्या ने कहा कि इसे कानपुर ले जाओ । पत्नी को लेकर कानपुर गए जहां पर किदवई नगर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया जहां पर 12 जुलाई की रात 12 बजे उसकी मौत हो गई ।
युवती की मौत से नाराज़ परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की नर्स दिव्या व पूनम को मौत का जिम्मेदार बताते हुए हंगामा खड़ा कर दिया । हंगामें की खबर पर पुलिस चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सुमित देव पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद हंगामा शांत कराया ।
मृतका के एक 9 माह की पुत्री भी है ।
थाना प्रभारी निरीक्षक गिरेंद्र पाल सिंह ने बताया की मृतका प्रेरणा के पति जितेंद्र कुमार,प्रेरणा की मां राजकुमारी,भाई तुषार,मामा ललित किशोर ने लिख कर दिया कि हम कोई कार्यवाही नहीं चाहते हैं ।
पीएचसी प्रभारी जेपी वर्मा ने भी कहा कि वह कोई कार्यवाही नहीं करना चाहते हैं ।
आरोपी नर्स दिव्या ने बताया कि मृतका को जब स्वास्थ्य केंद्र देवमई लाए थे उसे काफी मात्रा में ब्लीडिंग हो रही थी । ऐसी स्थिति में उसे कानपुर ले जाने को कहा गया था । उस पर लगाए जाने वाले आरोप निराधार हैं ।
