किशनपुर/फतेहपुर । विजयीपुर विकासखंड के यमुना तटवर्ती इलाकों में बारिश के महीनों में रास्ता न होने से करीब आधा सैकड़ा गांव कैद हो जाते हैं और मजबूरी में आधा सैकड़ा से अधिक गांव के लोगों को दलदल भरे मार्ग से आवागमन करना पड़ता है और सरकार है कि विकास का ढिंढोरा पीटती है इनमें से एक रास्ता चंदापुर से दसईपुर मार्ग भी है जो दलदल में तब्दील है ।
जानकारी के मुताबिक विजयीपुर विकासखंड के अंतर्गत चंदापुर से दसईपुर जाने वाले मार्ग में नाली निर्माण ना होने से यह मार्ग दलदल में तब्दील हो गया है जिससे लोगों को आने-जाने में भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है इस मार्ग में लगभग 100 मीटर तक कीचड़ ही कीचड़ नजर आ रहा है जहां लोगों का पैदल निकलना भी दुश्वार हो गया है आए दिन बाइक सवार इस रास्ते में गिर कर चोटिल होते हैं इस रास्ते से कुछ ही दूरी पर इंटर कॉलेज भी है जहां सबसे ज्यादा समस्या छात्र-छात्राओं को हो रही हैं जहां स्कूली बच्चों को भी इसी मार्ग से आना जाना पड़ रहा है विजयीपुर क्षेत्र में रास्तों में जलभराव की समस्या का यह पहला मामला नहीं है जहां जलभराव होने की बात सामने आई हो ऐसे करीब आधा सैकड़ा गांव है जहां रास्ते में बरसात के महीनों में जलभराव होने की वजह से रास्ता बाधित होते रहे हैं बावजूद इसके भी जनप्रतिनिधि विकास का ढिंढोरा पीटते हैं और कागजों पर विकास करने का दावा भी ठोंकते हैं पर जमीनी हकीकत तो कुछ और ही बयां करती है ।
वही गांव के रहने वाले वीरेंद्र,जितेंद्र,अतर सिंह,करण सिंह, राजा, ने बताया कि सड़क के किनारे पानी निकलने के लिए नाली निर्माण नहीं कराया गया था इसी वजह से रास्ते कीचड़ होता है और आने-जाने में भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है ।
