फतेहपुर । रामकथा मानव कल्याण के मार्ग को प्रशस्त करती है । साथ ही मुक्ति का रास्ता भी बनाती है । कथा तमाम पापों से मुक्ति का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है । भगवान को पाना चाहते हो भक्ति करना चाहते हैं तो व्यक्ति को सरल होना ही पड़ेगा । रामजी सरल व्यक्ति को ही सुगमता से प्राप्त होते हैं । इसलिए अपने स्वभाव को सरल बनाया जाए ।
उक्त विचार मलवा विकास खंड के शिवराजपुर मे जारी नौ दिवसीय संगीतममय श्रीराम कथा के तृतीय दिवस मानस मर्मज्ञ भार्गव आचार्य यदुनाथ अवस्थी जी ने कहे ।
कथा के दौरान नारद मोहन के अलावा सती की विदाई का विस्तार से वर्णन किया गया । कथा समापन के पश्चात् आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया ।
