फतेहपुर । सचिव (पूर्ण कालिक)जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फतेहपुर ने बताया कि श्री रणंजय कुमार वर्मा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मौखिक निर्देश के अनुक्रम में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालतं 12 नवम्बर 2022 दिन द्वितीय शनिवार के सफल आयोजन हेतु आज अपरान्ह मेे माननीय नोडल अधिकारी,राष्ट्रीय लोक अदालत/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रविकान्त द्वितीय के विश्राम कक्ष में बी.एस.एल.एन./दूर संचार अधिकारी एवं पराविधिक स्वयं सेवको की बैठक आहूत की गयी ।
राष्ट्रीय लोक अदालत 12 नवम्बर 2022 में पारिवारिक वाद, सिविल प्रकृति के वाद,अपराधिक शमनीय वाद,138 एन0आई 0 एक्ट वाद,न्यायालयो में लम्बित पुराने वाद,ई-चालान,मोटर दुर्धटना वाद,उत्तराधिकार सम्बन्धी वाद तथा अन्य वाद एवं प्री-लिटिगेशन स्तर के वैवाहिक वादो को सुलह-समझौता के माध्यम से निस्तारित किया जायेगा ।
प्री-लिटिगेशन स्तर के मामले,जलकर,विद्युत कर,आय,जाति, निवास,राजस्व वाद,बैंक वसूली वाद,दूर संचार वाद,श्रम वाद सहित वाद जो न्यायालय के समक्ष नही आये है । उन्हे भी राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित किया जायेगा ।
उक्त बैठक में माननीय नोडल अधिकारी/राष्ट्रीय लोक अदालत श्री रविकान्त द्वितीय द्वारा उपस्थित पराविधिक स्वयं सेवको को निर्देशित किया गया कि तहसीलो,मुख्यालयो साप्ताहिक बाजारो,रेलवे स्टेशन,बस स्टेशन,जिला अस्पताल आदि स्थानो पर भीड-भाड रहती है न सिर्फ पम्पलेट्स वितरित करे बल्कि आमजन मानस को राष्ट्रीय लोक अदालत के फायदे भी बताये ।
जिससे अधिक से अधिक लोग न्यायालयो में उपस्थित होकर अपने मुकदमो का निस्तारण कराकर राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाया जा सके । उपस्थित एस.डी.ओ. श्री विवेक गुप्ता को भी निर्देशित किया गया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में वादो को चिन्हित कर उनकी नोटिस दो दिवस के अन्दर तैयार कराकर कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रेषित करना सुनिश्चित करे । जिससे ससमय उपरोक्त प्रकरणो में नोटिसो का तामीला कराया जा सके ।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपस्थित पी.एल.वी.गण को वैवाहिक मामलो से सम्बन्धित प्री-लिटिगेशन स्तर के वादो से सम्बन्धित जानकारी दी गयी साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि आम जन मानस में प्री-लिटिगेशन स्तर के वादो को किस प्रकार से राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित करा सकते है के विषय में भी जागरुक करे । जिससे न सिर्फ लम्बित वादो को आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित किया जा सके अपितु जो वाद अब तक न्यायालयो में नही आये है । उन्हे भी प्री-लिटिगेशन स्तर पर निस्तारित कर राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाया जा सके ।
