कानपुर । आज रविवार को कानपुर नगर के शिवकटरा रोड़ स्थित मिशिका सुपर अस्पताल में एक सेमिनार आयोजित किया गया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया । बता दें कि एनेस्थीशिया डे के अवसर पर एक प्रोग्राम आयोजित किया गया । जिसमें संचालक डॉ. शुरेंद्र पटेल ने बताया कि हमारा जीवन अमूल्य हैं । लेकिन वर्तमान समय में भाग दौड़ की भरे जीवन में कई जोखिम उठाने पड़ते हैं ।
उन्होंने बताया कि कानपुर नगर में हुए दो बड़े हादसों में दो दर्जन से अधिक लोगों की जान चली गई अगर उनको समय से उपचार मिलता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी । जिसको देखते हुए हमारे अस्पताल मिशिका नर्सिंग होम में जनहित में लोगों की कैसे जान बचाया जाये । जिसका एक सेमिनार का आयोजन किया । यदि कोई हादसे में घायल हो जाये । गस्त खाकर गिर जाये या पानी में डूबने से सांस रुक जाये । उस स्थित में उनको सुरक्षित जगह लिटाकर उसकी नब्ज़, नाड़ी या नाक पर हाथ लगाकर देखे कि उनकी सांस चल रहीं हैं या नहीं । उसके बाद उनकी छाती खत्म होने व पेट पर हाथ से पुश करें। एक मिनट में करीब 100 से 120 बार ऐसा करें फिर उसके बाद उसको अस्पताल में ले जाये । ऐसा करने पर आप किसी अपने या अंजान व्यक्ति की जान बचाकर उसको एक नया जीवन दे सकते है ।
डॉ. सुरेन्द्र पटेल ने कहाकि, सड़क हादसा हो या कोई गंभीर बीमारी हम अपनी प्राथमिकता निभाकर जीवनदाता बन सकते हैं ।
इस बात को लेकर एनेस्थीशिया डे के उपलक्ष्य में मिशिका सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में लोगों को जागरूक करने के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया गया ।
इस अवसर में डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव,डॉ. विनय बाजपेयी, डॉ. अर्पिता,डॉ. शिवकुमार व अन्य स्टॉफ के लोग मौजूद रहें ।
