फतेहपुर । उ०प्र० शासन के शासनादेश दिनाँक 06 जून 2021 में दिये गए निर्देशो के क्रम में जिलाधिकारी ने अवगत कराया है कि फसलों के अवशेष जलाये जाने से उत्पन्न हो रहे प्रदूषण की रोकथाम के सम्बन्ध में जनपद स्तर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में एक सेल का गठन किया गया हैं ।
उक्त के अनुपालन में जनपद स्तरीय सेल का गठन किया गया है –
नामित अधिकारी का पदनाम-अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, फतेहपुर- अध्यक्ष
अपर पुलिस अधीक्षक,फतेहपुर-सदस्य,उप कृषि निर्देशक, फतेहपुर-सदस्य,जिला पंचायत राज अधिकारी,फतेहपुर-सदस्य ,जिला कृषि अधिकारी,फतेहपुर-सदस्य/सचिव उपरोक्तानुसार गठित सेल द्वारा प्रत्येक गाँव के ग्राम प्रधान एवं क्षेत्रीय लेखपाल को यह निर्देशित किया जायेगा कि किसी भी दशा में अपने से सम्बन्धित क्षेत्र में पराली/कृषि अपशिष्ट न जलाने दिया जाये। पराली/कृषि अपशिष्ट जलने की घटना की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुँचकर सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे ।
गठित सेल का दायित्व होगा कि फसल की कटाई से रबी की बुवाई तक प्रतिदिन फसल अवशेष को जलाने की घटनाओं एवं इसकी रोकथाम के लिये की गयी कार्यवाही की समीक्षा करते हुये प्रत्येक कार्य दिवस में उक्त गठित समिति के समक्ष प्रस्तुत की जायेगी ।
उपरोक्त के अतिरिक्त प्रत्येक तहसील स्तर पर फसल अवशेष न जलाये जाने के उद्देश्य से जनपद फतेहपुर के समस्त उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसीलवार टास्क फोर्स के गठन किया गया है ।
नामित अधिकारी-उप जिलाधिकारी,सदर- अध्यक्ष क्षेत्राधिकारी, सदर-सदस्य
उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी,फतेहपुर -सदस्य सहायक विकास अधिकारी (कृषि)/(कृषि रक्षा)- सदस्य
उप जिलाधिकारी,खागा-अध्यक्ष
क्षेत्राधिकारी,खागा-सदस्य
उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी,खागा -सदस्य सहायक विकास अधिकारी (कृषि)/(कृषि रक्षा)- सदस्य
उप जिलाधिकारी,बिन्दकी -अध्यक्ष,क्षेत्राधिकारी,बिन्दकी-सदस्य
उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी,बिन्दकी-सदस्य
सहायक विकास अधिकारी (कृषि)/(कृषि रक्षा)- सदस्य
पराली का एक्स-सीटू प्रबन्धन गत वर्ष की भाँति कृषकों के खेत से पराली संग्रह कर निराश्रित गौशालाओं में लाने हेतु प्रेरित किया जाये । कृषकों के खेत से पराली संग्रह करने हेतु आवश्यक धनराशि की व्यवस्था मनरेगा अथवा वित्त आयोग द्वारा की जायेगी ।
कृषकों के खेत से गौशाला स्थल तक पराली का ढूलान पंचायतीराज अनुभाग-1 शासनादेश संख्या-02/2020/1076 /33-1-2020-3003/2017 दिनांक 02.06.2020 के प्रस्तर-2 के अनुरूप की जायेगी ।
पराली में उपलब्ध सिलिका की मात्रा के दृष्टिगत गौशालाओं में चारे हेतु उपयोग में लाये जाने वाले चारे के कुल मात्रा का 25 प्रतिशत पराली चारे को मिश्रित कर लिया जाय ।
पराली का गौशाला स्थल में पशुओं के विछावन या अन्य उपयोग में भी लाया जाय ।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में अधिक से अधिक पराली निराश्रित गौशालाओं में भेजा जाय ।
गौशालाओं में निराश्रित पशुओं के चारे हेतु पराली/चारा/भूसा बैंक के रूप में क्रियान्वित किया जाये ।
प्रवर्तन की कार्यवाही इस तरह होगी ।
सभी को यह भी अवगत कराया जाये कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश के अनुसार फसल अवशेष जलाया जाना कानूनी रूप से निषिद्ध है । इसके उल्लघन पर सम्बन्धित के विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जायेगी ।
प्रत्येक राजस्व ग्राम अथवा राजस्व ग्राम क्लस्टर के लिए एक राजकीय कर्मचारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है । जो कि सभी के मध्य प्रचार-प्रसार करते हुए फसल अवशेष को न जलने देने के आवश्यक कदम उठायेंगे । राजस्व ग्राम के लेखपाल की जिम्मेदारी होगी कि अपने क्षेत्र में फसल अवशेष जलने की घटनायें बिल्कुल न होने दें । अन्यथा उनके विरूद्ध भी कार्यवाही की जायेंगी ।
समस्त थाना प्रभारी अपने क्षेत्र में फसल अवशेष को जलने से रोकने के लिए प्रभावी कार्यवाही करेंगे तथा किसी भी दशा में फसल अवशेष को न जलने दें ।
फसल कटाई के दौरान प्रयोग की जाने वाली कम्बाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम अथवा स्ट्रा रीपर अथवा स्ट्रा रेक एवं बेलर अथवा अन्य कोई फसल अवशेष प्रबन्धन यंत्र का उपयोग किया जाना अनिवार्य होगा । यह सुनिश्चित किया जाये कि उक्त व्यवस्था के बगैर जनपद में कोई भी कम्बाइन हार्वेस्टर से कटाई न करने पाये ।
यह भी सुनिश्चित कराया जाये कि जनपद में चलने वाली प्रत्येक कम्बाइन हार्वेस्टर के साथ कृषि विभाग/ग्राम्य विकास विभाग का एक कर्मचारी नामित रहे जो कि अपनी देख-रेख में कटाई का कार्य करायें । यदि कोई भी कम्बाइन हार्वेस्टर सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम अथवा स्ट्रा रीपर अथवा स्ट्रा रेक एवं बैलर या अन्य फसल अवशेष प्रबन्धन यंत्रों के बगैर चलते हुयी पाये जाये तो उसको तत्काल सीज कर लिया जाय और कम्बाइन मालिक के स्वयं के खर्चे पर सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगवाकर ही छोड़ा जाय ।
उक्त के अतिरिक्त गन्ना की कटाई के दौरान गन्ने की पत्तियों को जलाये जाने की घटनायें भी प्रकाश में आती हैं तो यह भी सुनिश्चित किया जाय कि गन्ने की पत्तियों को न जलने दिया जाय।इस अवधि में कूड़ा जलने की घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाये ।
अतः आप सभी को निर्देशित किया जाता है कि शासन द्वारा निर्देशित फसल अवशेष न जलाये जाने के कार्यक्रम को उपरोक्तानुसार अनुपालन करना सुनिश्चित करें । कृषि अपशिष्ट जलने की घटनायें पाये जाने पर मा० सर्वोच्च न्यायलय एवं मा० राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश के उल्लंघन के सम्बंध में प्रत्येक स्तर का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जायेगा ।
