फतेहपुर । आर्य समाज अमौली के तत्वाधान में लोक कल्याण यज्ञ एवं 96वें वार्षिकोत्सव के द्वितीय दिवस में प्रातः वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया । द्वितीय दिवस के यजमान विनोद वर्मा एवं उनकी धर्मपत्नी रही । आचार्य रामप्रसाद जी शास्त्री द्वारा यज्ञ संपन्न कराया गया । भजन गायक रामसेवक आर्य ने अपने भजनों के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया ।
उन्होंने सुख में होगा सब संस्कार,नर नारी हवन रचाओ एवं पहचान न पाया मैं खुद को भजन गाये । आचार्य रामप्रसाद शास्त्री ने नशे से बचने के लिए प्रेरणा दी ।
उन्होंने कहा कि नशा करने से बुध्दि का नाश तो होता ही है साथ ही बीमारी मोल खरीद रहे है । नशा कर के हम अपने पैरों में कुल्हाड़ी मार रहे हैं । इसलिए अगर अपने बच्चो का हित देखना है तो नशा बंद करे । सन्ध्या के बारे में बताते हुए कहा कि सन्धि बेला में आत्मा को परमात्मा से जोड़ने की क्रिया का नाम सन्ध्या है । वर्तमान समय के बारे में बताते हुए कहा कि जिस देश मे लोग ज्ञानी एवं धर्म का प्रचार करने वाले थे वो आज सन्ध्या नही जानते ।
आचार्य ब्रजेश शास्त्री ने पांच सामर्थ्य बताए जो हर मनुष्य के जीवन मे होना चाहिए । बुध्दि बल,बाहुबल,धन बल,मनबल, आत्मिक बल इन पांच बलो के बारे मे विस्तार से बताया । लेकिन साथ ही कहा कि जो बलवान होकर निर्बल को सताता है वो पशुओं का बड़ा भाई है ।
कार्यक्रम का संचालन ब्रह्मनारायन शास्त्री ने किया ।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से अशोक मिश्रा,सुजीत आर्य,मूलचंद्र आर्य,सिया राम आर्य,छेदा लाल आर्य,दिनेश कुमार आर्य, दशरथ आर्य,दिनेश कश्यप,कृष्ण कुमार सविता,उमाशंकर,मूल शंकर सचान,प्रकाश वीर आर्य,रमेश आर्य,पेशकार आर्य,अंशुल आर्य,आशुतोष आर्य,उमा देवी आर्या,विमलेश कुमारी,रागिनी आर्या इत्यादि लोग उपस्थित रहे ।
