Fatehpur,10 November । कृषि विज्ञान केन्द्र थरियांव में आयोजित जल शक्ति अभियान के अंतर्गत द्वितीय एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।

कार्यक्रम प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि प्रसार डॉ० नौशाद आलम ने स्वच्छ जल प्रबंधन के लिए बताया कि रसायनिक कीट नाशको,रसायनिक खाद्य एवं पराली प्रबंधन से जल एवं वायु प्रदूषण को रोका जा सकता हैं । पराली को लगातार जलाने से मिट्टी की उपजाव शक्ति कम हो जाती हैं एवं लाभकारी सुष्म जीव नष्ट हो जाते हैं ।
गृह वैज्ञानिक डॉ० साधना वैश ने कृषक एवं कृषक महिलाओं को स्वच्छ जल एवं स्वच्छ भोजन के विषय पर विस्तार से जानकारी दी । सस्य वैज्ञानिक डॉ0 जितेंद्र सिंह ने रबी फसलों में उचित सिंचाई प्रबंधन एवं उसके तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी । जिससे कि पानी को बचाया जा सके । फ़सल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ० जगदीश किशोर ने रबी फसलों में कीट प्रबंधन के बारे मे विस्तृत जानकारी दी ।
पशुपालन वैज्ञानिक डॉ० संजय पाण्डेय ने स्वच्छ पशु प्रबंधन के बारे मे विस्तृत जानकारी दी । गृह वैज्ञानिक डॉ० अलका कटियार ने स्वच्छ जल और बेहतर कल को बताते हुए कृषक एवं कृषक महिलाओं को घरों में स्वच्छ पेय जल प्रबंधन के बारे मे विस्तार से जानकारी दी एवं देसी फिल्टर विधि से पेय जल तैयार करने के बारे मे बताया ।
मौसम वैज्ञानिक डॉ० वसीम खान ने बताया कि मौसम पूर्वानुमान के जरिए किस प्रकार जल प्रबंधन कर जल का बचाव किया जा सकता हैं और साथ ही उन्होंने ने यह भी बताया कि मौसम की जानकारी प्राप्त कर के होने वाले हर खर्च में बचाव कर सकते हैं । इस अवसर पर जनपद के कृषक एवं कृषक महिलाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया ।
