फतेहपुर । मलवां विकास खंड के जलाला गाँव मे चल रही श्रीमदभागवत कथा के पाँचवे दिन कथा व्यास आचार्य राघव महाराज ने भगवान की बाललीलाओ,माखनचोरी,पूतना वध एवं गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाया ।
उन्होंने बताया कंश द्वारा भेजे गए राक्षसो का भगवान ने वध किया ।

कहा कि इंद्र को अपनी सत्ता और शक्ति पर घमंड हो गया था । उसका गर्व दूर करने के लिए भगवान ने ब्रज मंडल में इंद्र की पूजा बंद कर गोवर्धन की पूजा शुरू करा दी । इससे गुस्साए इंद्र ने ब्रज मंडल पर भारी बरसात कराई । प्रलय से लोगों को बचाने के लिए भगवान ने कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया । सात दिनों के बाद इंद्र को अपनी भूल का एहसास हुआ । उन्होंने कहा व्यक्ति को घमंड नही करना चाहिए । गोवर्धन बनाकर आचार्यो ने पूजन कराया ।
राजवीर सिंह,आलोक गौड़,सुजीत सिंह,आचार्य निखिल मिश्रा, हिमांशु सिंह,अनुपम मिश्रा,गायक भोला द्विवेदी,रामचंद्र सैनी, शिव सिंह,अमर सिंह रहे ।
