फतेहपुर,07 दिसम्बर । मलवां विकास खंड के मौहार गाँव मे शुरू हुई श्रीमदभागवत कथा मे पहले दिन कथा व्यास स्वात्मानंद जी महाराज ने भागवत महात्म्य की कथा सुनाई । उन्होंने कहा श्रीमदभागवत भारतीय वाड़्म्य मुकुटमणि है ।
उन्होंने कहा जिसको भगवान से अनुराग हो गया उसे संसारिक मोह,माया से छुटकारा मिल जाता है । भगवान की महिमा का गुणगान करते हुए बताया कि भगवान श्रद्धा और विश्वास से ही मिलते हैं । सारे धर्मो का सार श्रीमद्भागवत महापुराण हैं । वरदान के रूप में कुंती ने भगवान से दुख मागा । जो आज के समय में काफी अजीब लगता है । वह सुख किस काम का जिसमें लोग भगवान को भूल जाते हैं ।
उधर देवमई विकास खंड के मयारामखेडा मे चल रही श्री राम कथा के चतुर्थ दिवस कथा व्यास पंडित यदुनाथ अवस्थी श्री राम विवाह,कैकई वरदान,श्रीराम वनगमन के भावपूर्ण प्रसंगो की कथा सुनाई ।
उन्होंने बताया कि यूं तो गोस्वामी तुलसीदासकृत श्रीरामचरित मानस त्याग और धैर्य का बेजोड़ संगम है । फिर भी उसमें मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का चरित्र त्याग,धैर्य का प्रतिरूप हैं ।संसार में ऐसा कौन हो सकता है । जिसका एक पल पहले राजतिलक होने जा रहा हो और दूसरे पल उसे पता चले कि उसे अब सबकुछ त्याग कर वन के लिए प्रस्थान करना है ।अपने पिता के इस आदेश को वह खुशी खुशी स्वीकार करते हैं । श्रद्धालु श्रीराम की वन गमन की कथा सुन भाव विभोर हो उठे ।
