फतेहपुर । अभी निकाय चुनाव की आहट से ही सर्द मौसम में गर्मी का एहसास होने लगा है । चुनावी तैयारियां अंदर खाने पूरी की जा रही हैं । जबकि आधिकारिक रूप से चुनाव की घोषणा होनी बाकी है । जिले की 2 नगर पालिका परिषद एवं 3 नवसृजित नगर पंचायतों को मिलाकर 8 नगर पंचायतों में चुनावी जोड़ गणित शुरू हो गई है ।
भारतीय जनता पार्टी निकाय चुनाव को लेकर जितना संजीदा व गंभीर दिख रही है । उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कहीं न कहीं 2024 के लोकसभा चुनाव की भाजपा पटकथा लिखने की तैयारी में है । लेकिन चुनावी स्क्रिप्ट कितनी अच्छी लिखी जाएगी जिससे पिक्चर हिट हो जाए । यह भविष्य के गर्भ में है लेकिन एक बात तय है कि जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी में दावेदारों की भीड़ आ गई है । उससे प्रत्याशियों की घोषणा के बाद बड़े पैमाने पर विरोध होना लाजिमी है । दिखाने व कहने के लिए भले ही सब ठीक-ठाक चल रहा हो । लेकिन हकीकत में भारतीय जनता पार्टी अंदर खाने गुटबाजी से बाहर निकल ही नहीं पाई है ।संगठनात्मक मजबूती को लेकर होने वाले प्रयासों पर पार्टी के ही बड़े नेता ब्रेकर का काम करते आए हैं ।
विधानसभा चुनाव में भी गुटबाजी खूब देखने को मिली और उसके परिणाम भी सबके सामने हैं । एक बार फिर चुनावी बिसात में सभी अपने-अपने मोहरे बिछाने की तैयारी कर चुके हैं । लेकिन सफलता किसको मिलेगी यह पता नहीं है । लेकिन जिस तरह से दावेदारों की भीड़ उमड़ पड़ी है । उससे इतना तो तय है कि प्रत्याशियों की घोषणा के बाद भाजपा में बड़ा तूफान आना पक्का है । इस तूफान को पार्टी के नेता कैसे संभालेंगे और बड़ा नुकसान ना हो उसका बचाव किस तरह से करेंगे । यह तो वही जानें लेकिन अगर विरोध के तूफान की रफ्तार तेज रही तो निश्चित रूप से पार्टी को चुनाव में बड़े नुकसान से कोई रोक नहीं सकता ।
