कानपुर । सरकार द्वारा निरन्तर पेंशनर्स की मूलभूत समस्यायों, पुरानी पेंशन बहाली,कोरोना काल में 18 माह के मंहगाई भत्ता का एरियर न दिये । राशिकरण की कटौती 15 वर्ष के स्थान पर 10 वर्ष किये जाने,पेंशन आयकर मुक्त करने समेत अनेको मांगें जो सरकार के समक्ष विचाराधीन है और सरकार पेंशनरों की समस्यायों पर गंभीर नहीं दिख रही है और प्रदेश स्तर धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री जी को ज्ञापन सौंपा जा चुका है ।
उक्त जानकारी सेवानिवृत्त कर्मचारी एंव पेंशनर्स एसोसिएशन कानपुर नगर के संयोजक बी एल गुलाबिया,बेनी सिंह सचान एंव एसोसिएशन के कानूनी सलाहकार सेवानिवृत्त खाद्य निरीक्षक आर पी श्रीवास्तव एडवोकेट ने देते हुए बताया कि यदि सरकार जल्द ही मांगों पर गम्भीरता से विचार कर लागू नहीं किया जाता है तो पेंशनरों के समक्ष आन्दोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं है । इसलिए वर्ष-2023 पेंशनर्स के संघर्ष का वर्ष होगा । प्रदेश के मुख्यमंत्री श्रीआदित्य नाथ योगी एंव प्रधानमंत्री श्री मोदी जी से पुनः आग्रह है कि पेंशनरों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर लागू करने का कष्ट करें ।
