फतेहपुर । विकास कार्यक्रमो/लाभार्थीपरक योजनाओ से सम्बंधित कार्यो की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती श्रुति की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई ।
उन्होंने केन्द्र/प्रदेश सरकार द्वारा संचालित लाभार्थीपरक/विकास परक,जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की । उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य/ट्रांजेक्शन करने वाली टॉप-10 बीसी सखी की सूची उपलब्ध कराते हुए जिन बीसी सखियो का कार्य धीमी गति से चल रहा है । उनको प्रोत्साहित करने के लिए चयनित अच्छी बीसी सखियों के माध्यम से कराया जाय । इसके लिए डीसी स्वतः रोजगार,एलडीएम आपस मे समन्वय बनाते हुए कार्य की रूपरेखा बनाकर कार्य कराए । पोषण आहार प्लांट स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित की समीक्षा की और क्षमता की जानकारी ली ।
उन्होंने कहा कि जिस प्लांट की जितनी क्षमता है । उस प्लांट से पोषण आहार का उत्पादन किया जाय । उन्होंने गौवंशो/महीषवंशियो का कार्ययोजना बनाकर रोस्टर के अनुसार अभियान चलाकर ईयर टैगिंग का कार्य शत प्रतिशत किया जाय और एनाफ़ पोर्टल में फीडिंग का कार्य समय से कराये । साथ ही पशुधन बीमा योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करते हुए पशुधन बीमा योजना से पशुपालकों को लाभान्वित कराये ।
उन्होंने कहा कि जनपद में स्वीकृत यूपीआरडीए द्वारा जो एफडीआर की तकनीकी से जो सड़क निर्माण का कार्य किया जाना है । सभी मानकों को पूरा कराते हुए समय से करने के निर्देश सम्बन्धितों को दिए । उन्होंने मनरेगा के कार्यो की समीक्षा के दौरान कहा कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा कराये । जल जीवन मिशन के अंतर्गत डीपीआर, रेट्रोफिटिंग के कार्य मे तेजी लाये । जनपद में कृषक उत्पादन संगठनों (एफपीओ) लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत बनाये जाय । मत्स्य योजना के अंतर्गत जो भी फंड संग्रह किया गया है । शासन द्वारा निर्धारित विभागों में ट्रांजेक्शन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कराया जाय । उन्होंने कृषि विभाग के अंतर्गत शासन द्वारा निर्धारित गंगा क्षेत्रो में क्लस्टर बनाकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा कराये साथ ही किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जागरूक किया जाय ।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री सूरज पटेल, उपायुक्त मनरेगा श्री अशोक कुमार गुप्ता,जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री साहब यादव,उप कृषि निदेशक,उपायुक्त स्वतः रोजगार,एलडीएम,मुख्य पशुचिकित्साधिकारी,सहायक निदेशक मत्स्य,एआर को-ऑपरेटिव,जिला प्रबंधक नाबार्ड सहित अनेक जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे ।
