– किसानों को फ्री बिजली देने का वादा करने वाली योगी सरकार अपने वायदे से मुकरी- वेद प्रकाश पटेल
– किसी भी कीमत पर नहीं बढ़ने देंगे विद्युत दर,प्रदेश व्यापी होगा आंदोलन ।
फतेहपुर । प्रदेश की योगी सरकार विद्युत दरों में बेतहाशा वृद्धि करने के लिए खाका तैयार कर रही है । किन्तु आम आदमी पार्टी किसी भी कीमत पर विद्युत दरों को बढ़ाने नहीं देगी । भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव के दौरान घोषणा की थी कि प्रदेश के किसानों को मुफ्त बिजली दी जाएगी । लेकिन प्रचंड जीत के बावजूद भी प्रदेश सरकार अपने वायदे से मुकर गई है और विद्युत दरों में बेतहाशा वृद्धि करने का मन बना रही है ।
यह बात आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश पटेल ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं ।
आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश पटेल ने बताया कि बिजली दर में बढ़ोतरी को लेकर आप कार्यकर्ताओं द्वारा इको गार्डन लखनऊ में विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया गया था । जिसकी वजह से योगी सरकार विद्युत दरों में बढ़ोतरी को लेकर शांत तो हो गई है । किंतु नई विद्युत दरों को लागू करने के लिए खाका तैयार कर रही है ।
उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर प्रदेश में विद्युत दरों की वृद्धि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अगर ऐसा योगी सरकार करती है तो सड़कों पर उतर कर आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा ।
उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश की भाजपा सरकार ने किसानों को फ्री बिजली देने का वादा किया था । किंतु सत्ता में प्रचंड बहुमत के साथ आने के बाद अपना वायदा भूल चुकी है और प्रदेश के आम आदमी एवं किसानों को बिजली के दामों में बेतहाशा वृद्धि करके आर्थिक रूप से परेशान करना चाहती है ।
उन्होंने कहा कि प्रदेश का आम आदमी इस समय महंगाई एवं बेरोजगारी जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहा है । ऐसे समय में विद्युत दरों में वृद्धि करना जनता के साथ बड़ा धोखा होगा जिसको ध्यान में रखते हुए आप कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन कर जनता के साथ धोखा नहीं होने देगा और किसी भी कीमत पर बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं होने देगा ।
आम आदमी पार्टी बेरोजगारों,किसानों,नौजवानों,शोषित,पीड़ित एवं वंचित समाज की सच्ची हितैषी है और किसी भी कीमत पर जनता के साथ अन्याय नहीं होने देगी ।
उन्होंने बताया कि 31 जनवरी को दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर बिजली दरो में बढ़ोत्तरी के विरोध मे प्रदर्शन दर्ज कराएगी और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश के राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर उक्त निर्णय पर रोक लगाने की मांग की जाएगी ।
