कानपुर । विगत कुछ दिनों से लोक निर्माण विभाग में मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन एवं अधीक्षण अभियन्ता के मध्य छिड़ी जंग की खबर से हमारे समाचार पत्र ने आपको अवगत कराया है । अब इस जंग में उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ भी कूद गया है । महासंघ के प्रान्तीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने लोक निर्माण विभाग में वर्षों से एक ही कार्यालय में जमें कर्मचारी नेताओं के स्थानांतरण की मांग लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियन्ता विकास एवं विभागाध्यक्ष से की है । कर्मचारी नेता कमल अग्रवाल ने अपने पत्र द्वारा शासन की स्थानान्तरण नीति में दिए गए प्रावधान के अनुसार वर्षों से जमे नेताओं के स्थानांतरण करने का मुद्दा उठाया है ।
अग्रवाल का कहना है कि शासन ने प्रदेश अध्यक्ष/महामंत्री, क्षेत्रीय अध्यक्ष/मंत्री व जिला अध्यक्ष/मंत्री को स्थानान्तरण से बचने की सुविधा बस एक बार ही मिलनी है । जबकि लोक निर्माण विभाग में ये नेता वर्षों से संगठन में पदासीन है तथा एक ही कार्यालय में जमें है । कमल अग्रवाल ने अपने पत्र में इसके कुछ उदाहरण भी दिए हैं । जैसे वाराणसी में पद्मनाभ त्रिवेदी प्रशासनिक अधिकारी, लखनऊ में जे0 पी0 पाण्डेय, इटावा में प्रीतम शर्मा और कानपुर में सुरेश कुमार के नाम का उल्लेख करते हुए कहा कि ये प्रदेश/क्षेत्रीय एवं जिला पदाधिकारी है । जो 15-18 वर्षों से एक ही कार्यालय में कार्यरत हैं । जिनका स्थानान्तरण शासन की नीति के अनुसार किया जाये । दो कर्मचारियों के आपसी टकराव से विभाग के अधिकारियों की बांछे खिली हुई है ।
देखना है कि यह टकराव क्या गुल खिलाता है ।
