वरिष्ठ पत्रकार अरुण द्विवेदी की खास रिपोर्ट
कुछ महत्वपूर्ण तथ्य –
✓ पुलिस की चार टीमों के हाथ नहीं लगे वांछित ।
✓ बसपा से जुड़े एक सीनियर अधिवक्ता ने कराया सरेंडर ।
✓ 22 जून को युवती के साथ हुआ था दुष्कर्म ।
✓ गंभीर चोटों की वजह से अस्पताल में हुई थी मौत ।
✓ अभियुक्त के घर चल चुका है बुलडोजर ।
✓ मृतका के परिजनों व हिंदू संगठनों दिया था धरना ।
फतेहपुर । गत 22 जून को दुष्कर्म के बाद गंभीर चोटें पहुंचा कर मरणासन्न अवस्था में छोड़ी गई युवती की इलाज के दौरान मौत के बाद मचे बवाल के परिणाम स्वरूप घटना के मुख्य अभियुक्त सोनू उर्फ सिकंदर की गिरफ्तारी के बाद सह अभियुक्त पिता इस्लाम घोसी उर्फ टिन्नू पुत्र मो. हुसैन व भाई छोटू उर्फ अलादीन घोसी पुत्र इस्लाम घोषी निवासीगण जीटी रोड ज्वालागंज,फतेहपुर की तलाश के लिए पुलिस अधीक्षक ने चार टीमों का गठन किया था लेकिन उन्हें धता बताकर बाप बेटे ने आज मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट फतेहपुर के न्यायालय में सरेंडर कर दिया और पुलिस हाथ मलती रह गई । न्यायालय ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में अभियुक्तों को जेल भेजा है ।
पुलिस अधीक्षक ने घटना की गंभीरता को देखते हुए सह अभियुक्त इस्लाम घोसी व अलादीन घोसी की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली बिंदकी,स्वाट टीम व सर्विलांस टीम सहित चार टीमों का गठन करके दोनों की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी थी लेकिन 28 जून को इन टीमों के घटित होने के बावजूद 5 दिन तक पुलिस दोनों को नहीं पकड़ सकी यद्यपि पुलिसिया दबाव के चलते बाप और बेटे इस्लाम उर्फ टिन्नू व छोटू उर्फ अलादीन घोसी, पुलिस अधीक्षक आवास से महज दो-तीन सौ मीटर दूर स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट फतेहपुर की अदालत में आत्मसमर्पण करने में सफल रहे ।
अधिवक्ता सफीकुल गफ्फार ने आत्मसमर्पण कराया । जैसे ही दोनों के सरेंडर करने की खबर पुलिस को लगी भारी मात्रा में पुलिस कचहरी पहुंच गई । यह आत्मसमर्पण तत्काल समूचे जनपद में चर्चा का विषय बन गया ।

मालूम हो कि बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के अक्सा मैरिज लॉन फरीदपुर (जोनिहां) से 22 जून को एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने आई युवती को उसके कथित प्रेमी सोनू उर्फ सिकंदर घोसी ने मोबाइल पर काल कर बुलाया और लगभग 500 मीटर दूर एक निर्माणाधीन इमारत के पास दुष्कर्म करने के बाद ईंट से कुचलकर मरणासन्न हालत में छोड़कर फरार हो गया था ।
पुलिस ने मुख्य अभियुक्त सोनू उर्फ सिकंदर घोसी को जिस दिन गिरफ्तार किया कि उसके अगले ही दिन घायल युवती की मौत हो गई जिसके बाद अंतिम संस्कार को लेकर सोमवार की शाम बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के साथ ही मृतका के परिजनों के हंगामे के बाद पुलिस एक्शन मोड पर आई और भारी पुलिस बल ने हत्यारोपी के घर पहुंच कर उसके मकान को बुलडोजर से ढहा कर जमींदोज कर दिया ।
इस मामले में जोनिहां के तत्कालीन चौकी इंचार्ज रितेश कुमार राय को पहले लाइन हाजिर किया गया फिर निलंबन की कार्यवाही भी कर दी गई । उन पर आरोप था कि पुलिस को सूचना देने के बाद भी पुलिस सक्रिय नहीं हुई । पुलिस की लापरवाही की वजह से रात भर घायल अवस्था में बेहोशी की हालत में उसी निर्माणाधीन इमारत में युवती पड़ी रही । सुबह कतिपय ग्रामीणों की निगाह उस पर पड़ी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी जिस पर पुलिस ने युवती को बरामद कर इलाज हेतु सदर अस्पताल फतेहपुर पहुंचाया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए कानपुर के लाला लाजपत राय हैलट अस्पताल रिफर किया गया जहां कल सुबह सोमवार को उसकी मौत हो गई ।
पुलिस ने उसकी मृत्यु से 1 दिन पूर्व ही काल डिटेल के आधार पर सोनू उर्फ सिकंदर नामक मुस्लिम युवक को गिरफ्तार किया था ।जिसमें युवती के साथ दुष्कर्म करना और हत्या के प्रयास की बात कबूल की थी पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था ।
लेकिन युवती की मृत्यु के बाद मचे बवाल ने और लव जिहाद के आरोपों ने पुलिस को बैकफुट पर ला दिया था और उसे कठोर कार्यवाही करने के लिए बाध्य होना पड़ा । पुलिस को विवेचना में मुख्य अभियुक्त सोनू उर्फ सिकंदर के पिता व भाई की भी संलिप्तता मिली जिसकी वजह से उन्हें भी सह- अभियुक्त बनाया गया लेकिन वह दोनों लगातार फरार थे और आज पुलिस को चकमा देकर आत्मसमर्पण करने में सफल रहे ।
प्रभारी निरीक्षक कोतवाली बिंदकी अरुण कुमार चतुर्वेदी ने कहां है कि इस कांड में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रबल पैरवी की जाएगी और दोषियों को शीघ्रातिशीघ्र दंडित कराने की सतर्क कोशिश की जाएगी ।
