वरिष्ठ पत्रकार रवीन्द्र त्रिपाठी की खास रिपोर्ट
– सरकार के गड्ढा मुक्त सड़कों का सपना चकनाचूर,कांवड़ियां पानी से भरें गड्ढों से चलने पर मजबूर ।
फतेहपुर । केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर विकास के लगातार दावे किए जा रहे हैं । जो धरातल में थोथे नजर आ रहे हैं । जनपद फतेहपुर में सडकों को देखकर सहज ही विकास का अंदाजा लगाया जा सकता है । डबल इंजन की सरकार में गजब का विकास है । फतेहपुर जिले का ।
एक ओर पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री और अधिकारी कांवरियों के ऊपर पुष्प वर्षा कर वोटों का चुनावी पैकेज मजबूत करने में लगे हैं तो यहां कांवरिया जर्जर एवं जलभराव वाले गड्ढायुक्त मार्गो से भगवान शिव की आराधना के लिए कठिनाइयों से गुजर रहे हैं । जिले के नेता कागजों में खेल रहे हैं । दिशा निर्देश दे रहे हैं पर उनकी सुन कौन रहा है जिसका नतीजा है कि छोटे मार्गों की बात कौन करे 2 दर्जन से अधिक ऐसे प्रमुख संपर्क मार्ग हैं । जहां से आमजन का निकलना दूभर हो रहा है ।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनने वाले एक मार्ग सठिगंवां से चांदपुर के काम समाप्त होने का समय एक माह ही बचा है । लेकिन इसमें अभी तक काम ही शुरू नहीं हो सका है । जबकि सावन के महीने में भगवान रुद्र के पूजन-अर्चन के लिए गूढेशश्वर धाम हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं । यहां सत्ताधारी नेता बैठकों में तो विकास की गंगा बहा रहे हैं ।लेकिन हकीकत से परे वह फिलहाल टिफिन खाने में मशगूल हैं ।
अगले साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियां भारतीय जनता पार्टी ने तेजी से शुरू कर दी हैं । चुनावी फतह को लेकर अपनी गोटें बिछानी शुरू की है तो दावेदारों के भी मन हिचकोले लेने लगे हैं । फिलहाल केंद्रीय राज्य मंत्री एवं दो बार से सांसद साध्वी निरंजन ज्योति की मजबूत दावेदारी तीसरी बार फिर है बावजूद इसके धड़ेबंद नेता उन्हें घेरने की कोई कोर कसर पर्दे के पीछे से नहीं छोड़ रहे हैं ।
9 साल का केंद्र एवं 6 साल से प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार में जिले की तस्वीर में आखिर क्या बदलाव नजर आ रहा है ?
बताने के लिए तो नेताओं के पास लंबी फेहरिस्त है । लेकिन जमीनी हकीकत से ये नेता आम जनता के दुख,दर्द,परेशानि यों,भ्रष्टाचार,महंगाई,बिजली सड़क जैसे प्रमुख मुद्दों पर बतोले बाजी के अलावा कुछ सुनने को तैयार नहीं है ।
जिले में कई परियोजनाएं लंबे समय से आधी अधूरी पड़ी हैं । मार्ग जर्जर व खस्ताहाल हैं । वायदे किए जा रहे हैं,भरोसा दिलाया जा रहा है । लेकिन हकीकत में परेशानियों से जूझता आमजन ही सड़कों पर बदहाली में नजर आ रहा है ।
हर साल गड्ढा मुक्त सड़कों की डींगे हांकने वाले जिले के नेता खस्ताहाल मार्गो से रूबरू नहीं होना चाहते । दो दर्जन से अधिक प्रमुख ऐसे मार्ग हैं । जिनमें लोगों का चलना दूभर हो रहा है । हर साल गड्ढा मुक्त का आंकड़ा देने वाली सरकार की नजरों से अखिर जिले मार्ग कैसे छूट रहे हैं केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति लखनऊ में प्रमुख अभियंताओं के साथ दो-दो बार बैठक कर चौड़गरा,बिंदकी,जोनिहां,ललौली, बंधवा से बहुआ,सातमील से डलमऊ,धाता से हिनौता,गाजीपुर से विजयीपुर जोनिहां से अमौली जहानाबाद,अंबापुर से हथगांव ,थरियांव से संवत मार्ग की दुर्दशा की कहानी बता चुकी हैं ।लेकिन स्थित ज्यों की त्यों है । शहर से लगे हुए बाईपास के निर्माण के दुरुस्तीकरण कार्य को अब तक पूरा नहीं किया जा सका है । सरकारी खजाने का अरबों रुपए खफ जाने के बाद ये मार्ग दिन-ब-दिन खस्ताहाल होता जा रहा है । ऐसे न जाने कितने मार्ग हैं । जहां लोग जान हंथेली पर रखकर हर दिन निकलने को मजबूर है ।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से सठिगंवा से चांदपुर तक बनने वाली 18.520 किमी.सड़क की कार्यदाई संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग है । इस सड़क को ₹1951.72 लाख से निर्मित किया जाना है । काम की शुरुआत 12 सितम्बर 22 का बोर्ड लगा दिया गया एक साल में काम पूरा करना था ।
आगामी 11 सितंबर को कार्य पूरा होने की अवधि समाप्त हो रही है । लेकिन इस मार्ग में अब तक काम ही नहीं शुरू हो सका जिसका नतीजा है कि हर दिन हजारों लोगों के आवाग मन वाले इस मार्ग से जलभराव एवं बड़े गड्ढों के बीच से होकर निकल रहे हैं । गिरकर चोटिल हो रहे हैं तो उनके वाहन दलदल में फंस रहे हैं ।
जिले की बदहाली के बाद भी सत्ताधारी स्व विकास में लगे हैं । योगी-मोदी के सहारे अपनी चुनावी नैया पार लगवाने वाले सत्ताधारी आमजन के लिए कब सोचेंगे ?
यह तो पता नहीं लेकिन सरकार के विकास के दावों के बीच जिले से हर दिन विकास की बदरंग तस्वीरें सामने आ रही हैं जिन्हें देखकर नेताओं के कानों में जूं नहीं रेंग रही है ।बदहाल,परेशान,मजबूर,लाचार आम आदमी थोथे विकास के झुनझुने बजाने को मजबूर है ।
