फतेहपुर । सांख्यिकीय ऑकड़ों का संग्रहण की कार्यशाला का आयोजन कलेक्ट्रेट महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती श्रुति की अध्यक्षता में संपन्न हुआ ।

कार्यशाला के दौरान जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश की अर्थ व्यवस्था को 01 ट्रिलियन डॉलर बनाने के संबंध में कार्यशाला में व्यापारियों व उपस्थित अधिकारीयों से विस्तृत चर्चा की ।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 01 ट्रिलियन डॉलर बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में है । विभिन्न सेक्टर का आंकलन करने हेतु प्रदेश में विभिन्न प्रकार के सर्वेक्षण संचालित है । प्रदेश में संचालित योजनाओं में हो रहे निवेश के दृष्टिगत विनिर्माण व्यापार एवं अन्य सेवा क्षेत्र में परिलक्षित हो रहे । विकास की वास्तविक स्थिति के अनुरूप सर्वेक्षणों से आंकड़े संग्रहित किए जाय । जिससे शासन की मंशानुरूप उत्तर प्रदेश की अर्थ व्यवस्था को 01 ट्रिलियन डॉलर बनाने और राष्ट्र निर्माण में सहायक होगी ।
कार्यशाला और जागरूकता अभियानों का अयोजन करके प्रदेश में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय भारत सरकार और अर्थ एवं संख्या प्रभाग उत्तर प्रदेश द्वारा कराए जा रहे सर्वेक्षणों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए कदम उठाना अति आवश्यक है । सांख्यिकी रूप से सही आंकड़े उपलब्ध कराने के उपरांत ही प्रदेश की अर्थ व्यवस्था को बढ़ाया जा सकता है तथा केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा समय समय पर कराने जाने वाले सर्वेक्षण कार्यों में सही आंकड़े उपलब्ध कराने हेतु सहयोग की अपील की ।
उन्होंने उद्यमियों और अधिकारियों से कहा कि आंकड़ों को पारदर्शिता के रूप में संग्रहित किया जाय जिससे कि देश के विकास के अनुरूप नीतियां बनाई जा सके ।
वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी भारत सरकार श्री राजीव कुमार ने कार्यशाला में बताया कि भारत की आजादी के अमृत काल प्रधानमंत्री जी के एक भव्य एवं विकसित भारत निर्माण के प्रण तथा प्रदेश को “वन ट्रिलियन डालर” अर्थव्यवस्था बनाये जाने की मा० मुख्यमंत्री जी की संकल्पना के दृष्टिगत रखते हुये प्रदेश में विकास के अलग-अलग आयामों को बल प्रदान किये जाने हेतु समग्र रूप से अथक प्रयास किये जा रहे है । जिनका वास्तविक प्रतिबिम्ब विभिन्न सर्वेक्षणों के माध्यम से प्राप्त होने वाले ऑकड़ों में भी होना परम आवश्यक है । भारत सरकार के कार्यकम एवं कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा विभिन्न सामाजार्थिक सर्वेक्षणों यथा-वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण के माध्यम से भारत सरकार/ प्रदेश सरकार द्वारा सर्वेक्षण का कार्य कराया जाता है । परन्तु प्रायः यह देखा जा रहा है कि उक्त सर्वेक्षण के दौरान सर्वेक्षण की जानकारी के आभाव में प्रतिदर्श इकाईयों से आंकडों के संग्रहण में उनके द्वारा अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाता है । सर्वेक्षण के दौरान सर्वेक्षण की जानकारी सही ढंग से इकट्ठा करने एवं संबंधित इकाइयों को जागरूक करने हेतु कार्यशाला अयोजन का मुख्य उद्देश है ।
कार्यशाला के दौरान उद्यमियों एवं अधिकारियों द्वारा उठाए गए सवालों/सुझाओं का समाधान किया गया ।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री सूरज पटेल, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या डॉ० शुऐब अहमद, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नीती त्रिपाठी ,उपायुक्त उद्योग ,सीएमएस, सहायक श्रमायुक्त, जिला कृषि अधिकारी, समस्त अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत ,खण्ड विकास अधिकारी सहित उद्यमी लघु उद्योग भारती अध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह,कुंवर गांधी अन्य उद्यमी उपस्थित रहे ।
