नई दिल्ली : केंद्र ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के प्रमुख एसके मिश्रा के कार्यकाल के विस्तार की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है । उनका कार्यकाल सोमवार, 31 जुलाई को समाप्त होने वाला है । इसी महीने 11 जुलाई को, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस विक्रम नाथ और संजय करोल की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने मिश्रा के कार्यकाल को दिए गए विस्तार को अवैध माना था ।
कोर्ट ने 11 जुलाई को सुनाये अपने फैसले में कहा था कि केंद्र सरकार का फैसला कॉमन कॉज मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2021 के फैसले के आदेश का उल्लंघन है । इस फैसले में विशेष रूप से केंद्र सरकार को मिश्रा को कोई और विस्तार देने से रोक दिया था ।
हालांकि, न्यायालय ने अंतरराष्ट्रीय निकाय एफएटीएफ की सहकर्मी समीक्षा और सत्ता के सुचारू हस्तांतरण के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं को ध्यान में रखते हुए । उन्हें 31 जुलाई,2023 तक अपने पद पर बने रहने की अनुमति दी थी ।
पीठ ने कहा था कि हम पाते हैं कि व्यापक जनहित में बदलाव को सुचारु रूप से सुनिश्चित करने के लिए,मिश्रा को 31 जुलाई 2023 तक पद पर बने रहने की अनुमति देना उचित होगा । केंद्र की ओर से सॉलिसिटर-जनरल तुषार मेहता ने बुधवार को न्यायमूर्ति गवई की अध्यक्षता वाली पीठ से अपने फैसले के संबंध में दायर एक आवेदन पर शुक्रवार से पहले सुनवाई करने का आग्रह किया ।
उन्होंने कहा कि मैं एक विविध एप्लिकेशन प्रसारित कर रहा हूं । हम कुछ प्रार्थना कर रहे हैं जिसके लिए आपको शुक्रवार से पहले विचार करना होगा । पीठ ने आवेदन को गुरुवार (कल) अपराह्न साढ़े तीन बजे सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की ।
