बकेवर/फतेहपुर । विकास खंड देवमई क्षेत्र के रूसी गांव में डेंगू बुखार का कहर चरम सीमा पर है जिसके चलते शुक्रवार को एक महिला की मौत हो गई । रूसी गांव में काफी दिनों से डेंगू बुखार का प्रकोप हावी है । गाँव की ही पीड़ित महिला ननकी देवी पत्नी रामकुमार 40 वर्ष की मौत हो गई ।
जानकारी लेने पर रामकुमार व उनके बेटे नीरज ने बताया कि उनकी मां का इलाज देवमई स्थित एक झोलाछाप डॉक्टर के यहां करवा रहे थे, इलाज से संतुष्ट न होने पर जब रामकुमार ने उनसे रिपोर्ट मांगी रिपोर्ट ना दे करके बताया कि आपकी पत्नी को डेंगू हुआ है और जिसकी मैं गारंटी लेता हूं कि जल्द ही इन्हें ठीक कर दूंगा । पति मृतक ननकी का इलाज 7 दिन तक करवाता रहा । बाद में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई । ननकी देवी के तीन पुत्र पंकज,नीरज, शिवम और एक बेटी लक्ष्मी है । ननकी देवी की मृत्यु की सूचना पर गांव में हाहाकार मचा हुआ है । इसके अलावा गांव में शांति देवी पत्नी मुनेश्वर सिंह, कोमल पुत्री जगदीश अवस्थी, प्रशांत सिंह पुत्र महेंद्र सिंह,सुरेंद्र सिंह पुत्र रामनाथ सिंह,अनिल सिंह ,रामू सिंह सहित अगिनत डेंगू के इतने मरीज हैं । जिसकी जांच कराई जाती है उसे तुरंत डेंगू की धनात्मक रिपोर्ट निकल आती है ।
ग्रामीणों ने बताया की फोन करने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम आती है जो चार-पांच किट लेकर आती है जबकि चार-पांच मरीज तो एक ही घर में निकल आते हैं इसके बाद स्वास्थ्य विभाग से आए हुए डॉक्टर वापस चले जाते हैं । स्वास्थ्य विभाग की ऐसी लापरवाही के कारण मरीजों में रोष है । जिसके कारण ग्रामीण प्राइवेट झोलाछाप डॉक्टरों से दवा लेने को मजबूर है ।
इस विषय मे जब देवमई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्राभारी डॉक्टर विमलेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से टीम रूसी भेजी गई थी । मृतक महिला को उल्टी व पेट दर्द हुआ था । जिसका इलाज परिजनो ने निजी अस्पताल में कराया था । ड़ेंगू की पुष्टि हमारे संज्ञान में नही है ।
