– दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने किया सम्मानित

– साथ में मौजूद रही शिक्षा मंत्री आतिशी सिंह


नई दिल्ली । शिक्षक दिवस_2023 पर राजधानी दिल्ली में ‘राज्य शिक्षक पुरस्कार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल व शिक्षा मंत्री आतिशी सिंह के द्वारा दिल्ली सरकार, नगर निगम,नई दिल्ली नगर निगम व निजी स्कूलों में बेहतरीन कार्य करते हुए अपनी प्रतिभा और लगन से विद्यार्थियों को गुणवत्तापरक शिक्षा देने व उनके सर्वांगीण विकास के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सौ से अधिक शिक्षकों (विभिन्न विषयों एवम् श्रेणियों में) व संजय कुमार जैसे होनहार व शिक्षा के प्रति गूढ़ दृष्टिकोण व दूरदर्शी सोच रखने वाले पांच शिक्षक-प्रशिक्षकों (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवम् प्रशिक्षण परिषद से) को दिल्ली के प्रतिष्ठित सभागार, त्यागराज स्टेडियम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में शॉल,मैडल, प्रशस्ति पत्र एवम् 25000 रुपए की राशि देकर सम्मानित किया गया ।

जैसा कि हम जानते हैं कि शिक्षक का एक बालक के मन पर जीवन-पर्यंत प्रभाव रहता है । एक अच्छा शिक्षक,एक साधारण बालक को भी विश्व-विजेता बना सकता है । एक अच्छा शिक्षक ही एक नन्हे, मासूम बालक में उसकी स्वयं की योग्यताओं को पहचानने व आत्म विश्वास के साथ उन्हें अभिव्यक्त करने का सामर्थ्य जागृत कर सकता है ।
ऐसी ही शिक्षक नीतू पांचाल दिल्ली नगर निगम की एक ऐसी ही कर्मठ शिक्षिका हैं । जो अपने विद्यार्थियों की प्रगति के लिए अथक प्रयास करती रहती हैं और उनका ये श्रेय विद्यार्थी जीवन पर विशेष है ।
उन्होंने समुदाय के संसाधनों का सदुपयोग करते हुए अपने विद्यार्थियों को उनकी योग्यता व रुचि के अनुसार अनेक मंच उपलब्ध करवाए हैं । समायोजी शिक्षा पर बल देना, वैज्ञानिक अभिरुचि का विकास करना,बाल केंद्रित,गति विधि- आधारित शिक्षण-अधिगम द्वारा विद्यार्थियों में विद्यालय आने के लिए रुचि पैदा करना, विद्यार्थी जीवन, देश भक्ति एवम् पर्यावरण संचेतना, सामाजिक व शैक्षिक विषयों पर अपनी स्व रचित कविताओं व लेखों के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक संदर्भों के लिए संवेदनशील व जागरूक बनाना उनके कुछ ख़ास गुण हैं । वंचित वर्ग के ऐसे बच्चे,जो लाल बत्ती पर भिक्षा द्वारा जीवन यापन करते हैं । वे उन्हें भी अपने कठिन परिश्रम व संवेदनशील व्यक्तित्व के कारण वे विद्यालय तक लेकर आईं व दाखिला अभियान में ऐसे प्रथम पीढ़ी के अधिगमकर्ताओं को भी उन्होंने शिक्षा से जोड़ा । गतिविधि- आधारित अपनी बेहतरीन शिक्षण-पद्धति एवम् नवाचार आधारित रुचिकर अध्यापन के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को तीव्र बनाने के लिए सदा अनेक सफल प्रयास किए । विद्यार्थियों को भयमुक्त, लोकतांत्रिक वातावरण में पढ़ाना, उन्हें पढ़ाई हेतु मित्रवत खुशनुमा माहौल उपलब्ध करवाना उनकी सदा ही प्राथमिकता रही है ।
साथ ही, उन्होंने ‘राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद’ के साथ मिलकर ‘निपुण भारत अभियान पर शिक्षकों के लिए पुस्तिका निर्माण’ का कार्य किया,’बहुआयामी शिक्षण अधिगम योजना’ के निर्माण व ‘पठन तीव्रता जांच हेतु ऐप’ के निर्माण में भी अपना रचनात्मक सहयोग प्रदान किया । दिल्ली नगर निगम के ज्ञानोदय यू ट्यूब चैनल के लिए भी वे पाठ्यक्रम व विषयवस्तु आधारित वीडियो तैयार करती हैं । आई. सी. टी. साधनों के कक्षा में उपयोग व विकास कार्य में योगदान देती हैं ।
एक कवयित्री व सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी वे सदा ही अपने विद्यार्थियों के लिए एक आदर्श बनीं रहीं है । समाजोपयोगी सदस्य के रूप में देश व समाज में जागरूकता लाने के उनके स्वयं के प्रयास भी प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक बड़ी प्रेरणा हैं । एक उम्दा अध्यापिका के साथ-साथ, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की आधिकारिक मंच-संचालक के रूप में भी, वह सभी शिक्षकों के बीच लोकप्रिय हैं ।
दिल्ली विधानसभा स्पीकर रामनिवास गोयल के द्वारा भी राष्ट्र को समर्पित उनके प्रयासों के लिए कई बार दिल्ली विधानसभा प्रांगण में भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है । अनेक गैर सरकारी संगठन समाज सेवा के उनके कार्यों को सम्मानित कर चुके हैं ।
‘शहीद स्मृति चेतना समिति’ के सांस्कृतिक सचिव के रूप में युवाओं में राष्ट्रीय चेतना लाने के उनके प्रयास, महिलाओं के उत्थान के लिए ‘पिंकिश पत्रिका’ में उनका संपादन-कार्य व अन्य पत्र-पत्रिकाओं में उनके सामाजिक लेख व कविताएं, सहज ही जन साधारण को प्रेरित करती हैं ।
भारतीय कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में भी अनेक कार्यक्रमों का संचालन करते हुए वे सम्मानित हो चुकी हैं । उनके भीतर एक संवेदनशील शिक्षक व सामाजिक सरोकारों से जुड़ा हुआ एक साहित्यकार, उन्हें निसंदेह एक प्रेरक व्यक्तित्व बनाता है ।
इन्हीं विलक्षण प्रतिभाओं व योग्यताओं के कारण शिक्षिका, नीतू पांचाल जी को मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री (दिल्ली) द्वारा राज्य के सर्वोत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।
