नई दिल्ली । नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही कई नए वित्तीय बदलाव होने वाले हैं । ये बदलाव आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालेंगे । महीने की शुरुआत में ही कंपनियां रसोई गेस की कीमतें तय करती हैं । इसके अलावे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी बदलाव होता है । अक्तूबर महीने का आज आखिरी दिन है । नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही कई नए वित्तीय बदलाव होने वाले हैं, ये बदलाव आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालेंगे । महीने की शुरुआत में ही कंपनियां रसोई गेस की कीमतें तय करती हैं । इसके अलावे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी बदलाव होता है ।
आइए जानते हैं इस बार नवंबर महीने से कौन-कौन से बदलाव होने वाले हैं और किन मामलों में हमें सतर्क रहने की जरूरत है ।
रसोई गैस की कीमतों में बदलाव –
हर महीने की शुरुआत में सरकारी तेल कंपनियां एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी के दाम तय करती हैं । इस बार त्योहारों का मौका है । ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि कीमतें बढ़ती हैं या बरकरार रहती हैं । इसके लिए 31 अक्तूबर की मध्य रात्रि का इंतजार करना होगा ।
नवंबर में 15 दिन बैंक रहेंगे बंद –
नवंबर महीने में विभिन्न त्योहारों के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में 15 दिन बैंक बंद रहेंगे । इन छुट्टियों में दिवाली और शनिवार व रविवार को दी जाने वाली छुट्टियां शामिल हैं । इन छुट्टियों के दौरान बैंकों की ऑनलाइन सेवाएं रोज की तरह काम करती रहेंगी । ऐसे में अगर आप नवंबर महीने में बैंक शाखा जाकर कोई काम निपटाने की तैयारी कर रहे हैं तो बैंक की छुट्टियों की लिस्ट चेक कर ही घर से निकलें । जहां तक संभव हो ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लेकर ही अपने काम निपटाएं ।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव –
रसोई गैस की तरह ही महीने के पहले दिन पेट्रोल डीजल की कीमतों में भी बदलाव होता है । ऐसे में देश के विभिन्न हिस्सों में इनकी कीमतों में नवंबर महीने की पहली तारीख से एलान हो सकता है ।
जीएसटी के नियम बदलेंगे –
एक नवंबर से जीएसटी से जुड़ा एक बड़ा बदलाव होने वाला है । राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के मुताबिक एक नवंबर से 100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा के कारोबार करने वाले फर्मों को एक नवंबर से 30 दिनों के अंदर ई-चालान पोर्टल पर जीएसटी चालान अपलोड करना पड़ेगा ।
बंद एलआईसी पॉलिसी चालू कराने का आखिरी मौका –
भरतीय जीवन बीमा निगम की बंद पड़ी पॉलिसी को दोबारा चालू कराने का आखिरी मौका बस आज भर है । 31 अक्तूबर तक इसे बिना किसी परेशानी के दोबारा चालू किया जा सकता है । आखिरी तिथि समाप्त होने के बाद एक नवंबर से ऐसा करने में आपको दिक्कत झेलनी पड़ सकती है ।
शेयर बाजार में लेन-देन होगा महंगा –
बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने 20 अक्तूबर को एलान किया था कि नवंबर की पहली तारीख से इक्विटी के डेरिवेटिव सेगमेंट में लेन-देन पर शुल्क बढ़ जाएगा । ऐसे में नवंबर की पहली तारीख से शेयर बाजार में लेन-देन पर निवेशकों को कुछ अतिरिक्त पैसा चुकाना पड़ सकता है । नियम के बदलने से डी मैट अकाउंट धारक ऐसे निवेशक प्रभावित होंगे जो फ्यूचर और ऑप्शंस में ट्रेडिंग करते हैं ।
बीमाधारकों के लिए केवाईसी अनिवार्य –
एक नवंबर से इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने सभी बीमाधारकों के लिए केवाईसी (Know Your Customer) अनिवार्य कर दिया है । एक नवंबर से इस फैसले का असर सीधे तौर पर बीमाधारकों के क्लेक पर पड़ेगा ।
आयात से जुड़े नियमों में बदलाव –
केंद्र सरकार ने अक्तूबर महीने तक एचएसएन 8741 कैटेगरी के लैपटॉप, पर्सनल कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक आइटम के आयात पर छूट छूट का एलान किया था । ऐसे में नवंबर महीने में इससे जुड़े नए नियम अमल में आ सकते हैं । अब तक सरकार की ओर से इस बारे में अपडेट जारी नहीं किया गया है ।
