फतेहपुर । देवमई विकासखंड के डुंडरा गांव में पात्र अपात्र का खेला चल रहा है पहले जांच में पात्र मिला जब खेल में खिलाड़ी शामिल नही हुआ दोबारा जांच में पात्र अपात्र हो गया । अब पंचायत सचिव ने पीएम आवास की धन वसूली का फरमान जारी कर दिया । डुंडरा गांव के तरुन कुमार पुत्र स्वर्गीय राज नारायण पांडेय को ग्राम विकास अधिकारी व उनकी टीम ने पीएम आवास का उसे लाभार्थी बनाया । आवास की किस्ते भी पात्र के खाते में आ गयी । आवास की धनराशि लेकर तरुन कुमार ने आवास भी बना डाला ।
गांव के गणेश शंकर पांडे ने जनपद के जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए अपात्र को पीएम आवास की जांच कराने की मांग की वहीं दीपक पाण्डेय ने मुख्यमंत्री आइजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज करते हुए साक्ष्य पेश किया कि तरुन कुमार के पास पहले से गैर जनपद में जमीन और प्लांट है और प्रॉपर्टी होने के कारण पीएम आवास का लाभ नहीं मिलना चाहिए । जिसमें ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी की बराबर भागीदारी होने पर शिकायतकर्ता ने जिम्मेदार ठहराया है ।
मामला सोशल मीडिया और अखबारों की सुर्खियां बन गया जनपद के उच्च अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लेते हुए आनन-फानन ब्लाक अधिकारियों को जांच करने के निर्देश दिए हरकत में आए ब्लॉक कर्मचारी तत्काल डुंडरा गांव पहुंचकर पीएम आवास की जांच की और जांच कर्ताओं ने तरुन कुमार को साक्ष्य छिपाए जाने व फर्जी तरीके से पीएम आवास का लाभ लेने पर नोटिस जारी कर दिया और आवास की धनराशि एक लाख बीस हजार 15 दिन के जमा करने के निर्देश दिए ऐसे में कई बड़े सवालों के घेरे में डुंडरा गांव में जिम्मेदार कर्मचारी को कटघरे में खड़ा कर दिया है ।
बड़ा सवाल उठता है कि लापरवाह अधिकारी ने पहले तो अपात्र को जांच के दौरान लाभार्थी बनाया और फिर उच्च अधिकारियों की कलम से बचने के लिए तत्काल नोटिस जारी कर दिया और और तरुण कुमार को 15 दिन के अंदर 120000 धन तत्काल जमा करने के निर्देश दिए अपनी नौकरी बचाने की भरकम प्रयास किया ।लेकिन वही शिकायतकर्ता ने लापरवाह जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है ।
