छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है ।
उन पर रायपुर के एक थाने में समुदायों के बीच शत्रुता, घृणा या वैमनस्य की भावना पैदा करने और सामाजिक तनाव बढ़ाने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 505 और 153 ए के तहत मामला दर्ज हुआ है ।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे लेकर जारी एक बयान में कहा, “एक पुत्र के रूप में मैं अपने पिता जी का सम्मान करता हूँ लेकिन एक मुख्यमंत्री के रूप में उनकी किसी भी ऐसी गलती को अनदेखा नहीं किया जा सकता जो सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने वाली हो । हमारी सरकार में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, फिर चाहे वो मुख्यमंत्री के पिता ही क्यों न हों ।”
रायपुर के सर्व ब्राह्मण समाज की शिकायत पर दर्ज मामले में कहा गया है कि पिछले महीने लखनऊ में मीडिया से बातचीत में नंद कुमार बघेल ने ब्राह्मणों के ख़िलाफ़ अत्यंत आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं ।

नंद कुमार बघेल और भूपेश बघेल के बीच पिछले कई सालों से वैचारिक मतभेद रहे हैं । ऐसा कई मौकों पर हुआ है,जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोई बात कही है और उनके पिता नंद कुमार बघेल ने मीडिया में उसके विरोध में बयान दिया है ।
भूपेश बघेल को अपने पिता के मामले में कई बार सफ़ाई देनी पड़ी है । ब्राहणों के मुखर विरोधी 86 वर्षीय नंद कुमार बघेल मुख्यमंत्री के सहयोगी सवर्ण मंत्रियों और अधिकारियों पर भी निशाना साधते रहे हैं ।
छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के कुछ ही महीनों के भीतर नंद कुमार बघेल ने ‘ब्राह्मण कुमार रावण को मत मारो’ नाम से एक क़िताब लिखी थी, जिसकी बिक्री पर 2001 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया था ।
हालांकि नंद कुमार बघेल ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी लेकिन 2017 में हाईकोर्ट ने भी नंद कुमार बघेल की प्रतिबंध हटाने संबंधी याचिका खारिज कर दी थी ।
