फतेहपुर । कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष रहे अखिलेश पांडेय के इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने के बाद रिक्त हुए पद पर नई नियुक्ति को लेकर चल रही उठा पटक के बीच छात्र राजनीति से लेकर अब तक कांग्रेस की मजबूती के लिए कार्य करने वाले पार्टी के दो मर्तबा जिला महासचिव रहे वीरेंद्र सिंह चौहान को जिले की बागडोर सौंप दी गई है ।
पांडेय के इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुए स्थान पर नए अध्यक्ष की नियुक्ति करने के लिए अभी 4 दिन पहले ही पार्टी हाई कमान ने पर्यवेक्षक भेजा था । पर्यवेक्षक के सामने किशनपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके वरिष्ठ कांग्रेस नेता ओमप्रकाश बिहार, निर्मल तिवारी, शिवाकांत तिवारी शहीद कई दावेदारों ने अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी की थी ।
सूत्र बताते हैं कि पार्टी ने नए अध्यक्ष की नियुक्त करने के लिए काफी मंथन के बाद पुराने और संघर्ष शील रहे वीरेंद्र सिंह चौहान के नाम पर अपनी अंतिम मोहर लगा दी । वीरेंद्र सिंह चौहान मूल रूप से हसवा विकासखंड की ग्राम सभा कुसुंभी के रहने वाले हैं और मौजूदा समय में वह शहर के आवास विकास कॉलोनी में निवास कर रहे हैं । चौहान ने अपनी राजनीति छात्र संघ से शुरू की वह दो मर्तबा महामंत्री और एक बार अध्यक्ष रहने के उपरांत जिला पंचायत के सदस्य भी रह चुके हैं । कांग्रेस के उपाध्यक्ष और महामंत्री के पद पर रहकर वह पार्टी के लिए लगातार उसकी ताकत बढ़ते रहे । उनके राजनीतिक संघर्षों को देखते हुए कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव वेणुगोपाल ने उन्हें फतेहपुर जिले का जिला अध्यक्ष नियुक्त कर दिया ।
