कानपुर । कानपुर जनपद में गौरैया संरक्षण समिति व सद्भावना वेलफेयर सोसाइटी के संरक्षक श्याम सुंदर सारस्वत के नेतृत्व में गौरैया के संरक्षण के अभियान के तहत संस्था के सदस्य व अपने-अपने घरों व आसपास समेत कई स्थानों में गौरैया को दाना पानी की व्यवस्था कर रहे है ।

संस्था के सचिव राजेंद्र कुमार ने बताया कि एक समय था जब घर-घर में गौरैया दिखती थीं, लेकिन समय के साथ पक्के मकानों और कम होते जंगलों के कारण गौरैया के कुनबे भी कम हो गए,जिसका असर पर्यावरण पर भी पड़ रहा है । ऐसे में आंखों से ओझल हो रही गौरेया को बचाने के लिए संस्था द्वारा प्रकृति पूजा के साथ नवरात्र के पहले दिन गौरैया को ‘दाना पानी’ अभियान की शुरुआत की गई । उन्होंने बताया कि यह पहल समाज मे पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का भी कम करेगी ।
मनीष पांडेय बताते है कि गौरेया की घटती संख्या का मुख्य कारण है, भोजन-पानी की कमी और हरे पेड़ों का कटान । गौरैया संरक्षण संस्था द्वारा पिछले 15 वर्षों से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य यह है कि लोग इस पहल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए ।ताकि आने वाले समय में उनको स्वस्थ पर्यावरण भी मिल सके ।
उन्होंने बताया कि गौरैया को बचाने के लिए हम सभी को उचित प्रयास करना चाहिए । हमें ऐसे पेड़-पौधे लगाना चाहिए जहां उनको भोजन प्राप्त हो सके । अंत मे संस्था सचिव राजेंद्र कुमार ने सभी का धन्यवाद दिया ।
इस मौके पर रामकांति सागर, प्रेम शंकर, योगेश तिवारी, विजय मौर्य, अनुराग निगम, निशु, सुनील शुक्ला, सोमेश सिन्हा, शैलेन्द्र वर्मा, राजेंद्र अरोड़ा, ममता पांडेय आदि लोग मौजूद रहे ।
