Uttar Pradesh । 4 मई को मथुरा में संदूक के अंदर जली हुई डेडबॉडी मिली थी । ये लाश 55 वर्षीय मोहनलाल शर्मा की निकली । इस हत्याकांड में मोहनलाल का बेटा अजीत, उसका समलैंगिक दोस्त कृष्णा सहित लोकेश और दीपक पकड़े गए हैं । पिता मोहन लाल समलैंगिक संबंधों का विरोध करता था, इसलिए मर्डर हुआ ।
कातिल का कबूलनामा…….
मुख्य आरोपी और मृतक मोहनलाल शर्मा के बेटे अजित ने पुलिस की पूछताछ में कबूल किया कि उसके अपने दोस्त कृष्णा के साथ समलैंगिक संबंध थे । जिसकी जानकारी उसके पिता को हो गई थी और इसी बात का वह विरोध करते थे जिसके कारण कई बार घर मे विवाद हो चुका था । इसी दौरान 1/2 की रात अजित ने लोहे की रॉड से अपने दोस्त कृष्णा के साथ मिलकर अपने पिता मोहन लाल शर्मा की हत्या कर दी और शव को एक दिन घर पर रखा, जिसके अगले दिन शव को राया क्षेत्र में बख्से में बंद कर चेहरा जलाने के बाद डाल दिया । पुलिस ने सीसीटीवी में बाइक पर सन्दूक ले जाते हुए फुटेज भी निकाले हैं….फिलहाल थाना राया पुलिस और स्वाट टीम ने पिता की ।
एक मई को उसने इस मामले को लेकर कृष्णा और अजीत को थप्पड़ भी मार दिए थे। इसके बाद दोनों ने लोकेश और दीपक संग मिलकर दो मई की रात मोहनलाल की घर में ही सब्बल से वारकर हत्या कर दी । तीन मई की रात शव को बक्से में बंद कर बाइक पर राया क्षेत्र में ले गए । वहां शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी ।

पुलिस ने लोकेश और दीपक को रविवार को यमुनापुल के नीचे श्मशान घाट से गिरफ्तार कर लिया । इनसे पूछताछ में पता लगा कि कृष्णा और अजीत हाथरस भाग गए हैं । वे रविवार देर रात वापस आएंगे । इस पर पुलिस ने राया थाना क्षेत्र में हाथरस रोड भूडरी बंबा के पास चेकिंग शुरू कर दी । देर रात 2.50 बजे जब दोनों आरोपी पहुंचे और पुलिस ने पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोली लगी ।
