अमौली/फतेहपुर । विकास खण्ड अमौली के अन्तर्गत लगभग 5 दर्जन से अधिक ग्राम सभाएं आती है जिनमें से कुछ ऐसे गांव अभी भी है । जो विकास कार्यो से कोसो दूर है । जहाँ पर अभी तक सड़क,पानी,नालियां, मनरेगा रोजगार जैसे छोटे छोटे विकास कार्य व समस्याओं से ग्रामीण घिरे हुए है ।
ग्रामीणों का आरोप है की ग्राम प्रधान और सचिव की मिली भगत से गांव में रोजगार देने व समस्याओं के लिए उनसे कहने पर सिर्फ आशवासन देकर दर किनार कर देते है और कच्चे कामो में मनरेगा द्वारा कराये गए कार्यो को जेसीबी मशीन से कराकर अपने चहेतों के खाते में पैसे डलवाकर धन का दुरुपयोग करते है । जिसका लाभ ग्रामीण आज भी नही ले पा रहे है । इन्ही सब समस्याओं से ग्रसित विकास खण्ड के चांदपुर ग्राम सभा का मामला सामने आया है । जहाँ की सड़के दलदल युक्त कीचड़ से भरी, सड़क मरम्मतीकरण व नालियों की साफ-सफाई की समस्या से वहाँ के वाशिंदे जूझ रहे है ।
शिकायत के बावजूद भी ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्या का निवारण नही किया है । जबकि इसके पूर्व गांव के एक युवक ने गांव की समस्या व आवास में हुई धांधली को लेकर इसी ग्राम सभा को लेकर मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखा था । जो सोशल मीडिया सहित कई पेपरों में प्रकाशित भी हुआ । इसके बावजूद भी गांव में समस्या जस की तस बनी हुई है । वहीं इसी विकास खण्ड बबई ग्राम सभा से जुड़े आवासों में हुई धांधली को लेकर जाँच हुई थी तो जिलाधिकारी ने लापरवाह सचिव को निलंबित कर दिया था ।इसके बावजूद ब्लॉक के सचिवों का रवैया सुधरने का नाम ही नही ले रहा है और ब्लॉक जिम्मेदार अधिकारी भी अभी नही चेते है । इस बावत ग्राम सभा के सचिव नीरज सोनकर ने बताया की धीरे-धीरे समस्याओं का निस्तारण करवाए जा रहा है ।
