फतेहपुर । नवीन गल्ला मण्डी स्थल बांदा सागर रोड़ में प्रदेश कृषि निर्यात नीति 2019 के अन्तर्गत जनपद के एफपीओ, एफपीसी, निर्यातक,प्रसंस्करणकर्ता,उद्यमी एवं अन्य हितधारको को एक दिवसीय प्रशिक्षण/सेमीनार/जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
सर्वप्रथम विनोद कुमार,ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक/सदस्य सचिव जिला क्लस्टर सुविधा इकाई जनपद द्वारा बैठक में उपस्थिति समस्त हितधारकों का स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति 2019 के अन्तर्गत की गई व्यवस्था पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य बिन्दु में उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति 2019 का विजन यह है कि कृषि उत्पादों के निर्यात को बढावा देने के लिए नये ढांचे की व्यावस्था करना, कृषि फसलों एवं उत्पादों के निर्यात की क्षमता का सद्पयोग करना तथा किसानों एव अन्य हित धारकों की आय पर्याप्त रूप से बढाना है व नीति का उद्देश उत्तर प्रदेश से कृषि निर्यात को वर्ष 2024 तक 2524 मीलियन यू0एस0 डालर अर्थात रूपया 17591 करोड़ के वर्तमान मूल्य से दो गुना करना,निर्यात योग्य कृषि उत्पादो और वैश्विक अवसरों से सम्बन्धित जानकारी को किसानों तक पहुचाना, निर्यात के लिए उन सम्भावित कृषि फसलों और उत्पादों की पहचान करना और बढावा देना जो देशी एवं जैविक है । अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा कर सकें । अन्तराष्ट्रीय मांग के सम्बन्ध में विस्तृत जागरूकता प्रदान करने हेतु कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमें अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति के तहत जनपद में एक ब्लाक के अन्तर्गत 50 हे0 का क्लस्टर बनाकर यदि उत्पादित उत्पाद को न्यूनतम 30 प्रतिशत निर्यात कर दिया जाये तो रूपया 10 लाख का प्रोत्साहन अनुदान की व्यावस्था है । क्लस्टर के नजदीक नवीन प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना हेतु रूपया 25 लाख प्रति वर्ष ऐसे इकाईयों को प्रदान किया जायेगा । जो प्रसंस्कृत उत्पाद का न्यूनतम 40 प्रतिशत निर्यात करेगें कृषि उत्पादों व प्रसंस्कृत वस्तुओं के निर्यात हेतु परिवहन अनुदान के रूप में वास्तविक भाडे़ का 25 प्रतिशत जो उत्पत्ति एवं गन्तव्य स्थान तक पहुंचने में व्यय होगा शर्त यह है कि चीनी एवं मांस के निर्यात पर परिवाहन अनुदान देय नही होगा ।
एक फर्म को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 20 लााख रूपया परिवहन अनुदान देय होगा कृषि निर्यात (उत्पाद/उत्पादन) में प्रयुक्त विर्निदिष्ट/गैर विर्निदिष्ट कृषि उपज पर मण्डी शुल्क/प्रयोक्ता प्रभार एवं विकास सेंस से छूट प्रदान की जायेगी । कृषि निर्यात/पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन और प्रौद्योगिकी में डिग्री /डिप्लोमा/ सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम संचालित करने हेतु उत्तर प्रदेश में विश्वविद्यालयों/सरकरी संस्थानों को वार्षिक फीस का 50 प्रतिशत दिया जयेगा ।
उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति 2019 के अनुलग्नक-1 के अन्तर्गत जनपद में केला,हरी मिर्च,ताजी हरी सब्जियां, आंवला एवं जैविक उत्पाद चयनित हैं । जिनका एक ब्लाक में न्यूनतम 50 हे0 का एक क्लस्टर बनवाकर निर्यात किया जाना है । इस क्रम में भिटौरा ब्लाक में केले का उत्पादन बहुतायत मात्रा में हो रहा है जिसकी अन्र्तराष्ट्रीय देशों में यथा दुबई,इरान,बांगलादेश,श्रीलंका,नेपाल आदि देशो में है तथा हरीमिर्च अमौली ब्लाक में बहुतायत में हो रही है जिसकी मांग सउदी अरब,दुबई,ओमान,श्रीलंका,बांगलादेश,नेपाल, भूटान एवं अन्य कई देशों में मांग है । इसलिए जनपद से केला व हरी मिर्च को निर्यात करने हेतु निर्यातक कमलदीप सिंह को कार्यक्रम में प्रतिभाग किया और अन्र्तराष्ट्रीय बाजार में दोनो जिन्सों की मांग,गुणवत्तामानक आदि की जानकारी प्रदान की ।
जनपद के कृषि उत्पादक समूह तथा प्रसंस्करणकर्ताओं को निर्यातक बनाने हेतु कृषि विपणन विभाग द्वारा लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है निर्यातक बनने के लिए कृषि उत्पादक समूहों तथा प्रसंस्करण कर्ताओं को इम्पोर्टर-एक्सपोर्टर कोड तथा आर0 सी0 एम0 सी0 (एपीडा) में पंजीकृत होना अनिवार्य है । जिसके लिए जनपद स्तर पर स्थापित कार्यालय ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक/ कृषि निर्यात प्रोत्साहन केन्द्र नवीन मण्डी स्थल ,बांदा सागर रोड, फतेहपुर से सहयोग व मार्ग दर्शन प्राप्त किया जा सकता है ।
उक्त कार्यक्रम में मनीष प्रताप सिंह, हिमांशु तिवारी, उदित नारायण सिंह, मण्डी सचिव सलिगराम सरोज, मण्डी निरीक्षक ब्रिजेन्द्र सिंह, भुवन द्विवेदी,रमाकांन्त त्रिपाठी,हरि अवस्थी,जनपदीय निर्यातक कमल दीप सिंह,कीर्ती मौर्या,दीपक कुमार एवं प्रगतिशील किसान प्रसंस्करण कर्ता व अन्य हित धारकों ने प्रतिभाग किया ।
